सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
साहिबाबाद । इंदिरापुरम क्षेत्र में बिल्डर और ब्रोकर पर दो फ्लैट देने के नाम पर लाखों रुपये लेने और बाद में कथित रूप से फ्लैट किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने ब्रोकर पंकज अग्रवाल और बिल्डर अभय कुमार जैन व प्रवीण जैन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में एसीपी के आदेश पर मुकद्दमा दर्ज किया गया है।
एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता राघव अग्रवाल ने अपनी पत्नी हेमलता अग्रवाल के साथ इंदिरापुरम के कनावनी स्थित एंजेल ज्यूपिटर परियोजना में दो फ्लैट बुक कराए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, 1150 वर्गफीट के फ्लैट संख्या 3-सी-1002 के लिए अलग-अलग तिथियों पर आरटीजीएस और नकद के माध्यम से कुल 28.62 लाख रुपये का भुगतान किया गया। वहीं 1285 वर्गफीट के फ्लैट संख्या 4-D-1204 के लिए 16 लाख रुपये दिए गए।
शिकायत में आरोप है कि भुगतान की रकम बिल्डर के खाते में ट्रांसफर की गई थी और ब्रोकर पंकज अग्रवाल को भी नकद राशि दी गई। इसके बावजूद लंबे समय तक फ्लैट नहीं दिए गए। पीड़ित का आरोप है कि बाद में जानकारी मिली कि संबंधित फ्लैटों की कीमत बढ़ने के बाद बिल्डर ने कथित रूप से दस्तावेजों में हेरफेर कर दोनों फ्लैट अन्य लोगों को आवंटित कर दिए।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने आरोपितों से संपर्क कर अपने पैसे या फ्लैट दिलाने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भुगतान की रकम किस खाते में गई, फ्लैटों का वास्तविक आवंटन किसके नाम हुआ और दस्तावेजों में किसी प्रकार की कूटरचना या धोखाधड़ी की गई थी या नहीं।
