सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरोसाहिबाबाद। थाना इंदिरापुरम क्षेत्र के गांव कनावनी की ग्राम सभा की जमीन को अपनी संपत्ति बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और बिक्री का समझौता कराकर 28 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। इंदिरापुरम पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश समेत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के मुताबिक, इंदिरापुरम निवासी वरिष्ठ नागरिक विजय कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह जमीन खरीदने के लिए प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान उनकी पहचान भजन लाल गौतम, राजेश और यशपाल गौतम से हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तीनों ने कनावनी में हिंडन नदी के बीच स्थित करीब 600 वर्गगज (501.66 वर्गमीटर) जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए उसके फर्जी दस्तावेज दिखाए।
आरोप है कि तीनों ने जमीन पर किसी प्रकार का न्यायालय विवाद या सरकारी रोक नहीं होने की बात कहकर शिकायतकर्ता को विश्वास में लिया। इसके बाद 3 मई 2019 को 20 लाख रुपये लेकर बिक्री समझौता किया गया। निर्धारित समय में बैनामा नहीं किया गया और बाद में अतिरिक्त रकम की मांग की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, 22 जनवरी 2020 को उसने भरोसा करते हुए आठ लाख रुपये और दिए तथा इसी दिन दूसरा बिक्री समझौता भी कराया गया, जिसे गाजियाबाद के उप निबंधक कार्यालय में पंजीकृत कराया गया।
शिकायत के मुताबिक बाद में जानकारी मिली कि संबंधित जमीन वास्तव में ग्राम सभा की भूमि है और उसके संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। इसके बाद आरोपियों से रकम वापस करने की मांग की गई।
बाद में दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के तहत आरोपितों ने करीब 48 लाख रुपये लौटाने की बात स्वीकार की। इसके लिए 24 अक्टूबर 2024 के तीन चेक दिए गए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर तीनों चेक समुचित धनराशि नहीं' की टिप्पणी के साथ बाउंस हो गए।
पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक महेश कुमार को सौंपी है। जांच में जमीन के राजस्व रिकॉर्ड, बिक्री समझौतों, भुगतान और चेकों के अलावा आरोपियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की भी जांच की जानी है।