फ्लोरेस द्वीप के पास आया शक्तिशाली भूकंप, इमारतें ढहीं और भूस्खलन से रास्ते बंद; सुनामी की चेतावनी बाद में हटाई गई
जकार्ता, 15 अगस्त 2026। इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। भूकंप के बाद अब तक कम से कम 38 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। बड़ी संख्या में इमारतों को नुकसान पहुंचा है और कई इलाकों में भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क बाधित हुआ है।
भूकंप का केंद्र फ्लोरेस द्वीप के पास समुद्र में था और इसकी गहराई करीब 15 किलोमीटर बताई गई है। तेज झटकों के बाद कई इलाकों में लोग घबराकर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
भूकंप के तुरंत बाद इंडोनेशिया की मौसम और भूभौतिकी एजेंसी ने संभावित सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को समुद्र और नदियों से दूर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। कुछ क्षेत्रों में लोगों ने ऊंचे स्थानों की ओर पलायन किया।
हालांकि, कुछ घंटों बाद सुनामी की चेतावनी वापस ले ली गई। अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में समुद्र के स्तर में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया। कुछ स्थानों पर एक मीटर से कम ऊंची समुद्री लहरें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में सिका, नगेकेओ और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। कई मकान और सार्वजनिक इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ जगहों पर इमारतों के मलबे में लोगों के दबे होने की सूचना भी मिली है।
भूस्खलन ने बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। कई सड़कें मलबे से बंद हो गई हैं, जबकि कुछ इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है और प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए हैं।
करीब 2,000 लोगों के अपने घर छोड़कर अस्थायी आश्रयों में पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अस्पतालों में भी एहतियाती कदम उठाए गए और कुछ जगहों पर मरीजों को इमारतों से बाहर निकालकर खुले स्थानों में उपचार की व्यवस्था की गई।
भूकंप के बाद कई झटके भी महसूस किए गए। अधिकारियों ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस नहीं जाने और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा सलाह का पालन करने की अपील की है।
इंडोनेशिया दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यह प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि के कारण भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां आम हैं।
फिलहाल बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि दूरदराज और भूस्खलन से कटे इलाकों तक पहुंचने के बाद नुकसान और मृतकों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
— सर्वोदय शांतिदूत वर्ल्ड डेस्क