राष्ट्रपति से कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की क्लेम अवधि के समय को बढ़ाने की मांग Demand for extension of time of claim period


                                                    सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 




नई दिल्ली। इस समय पूरा देश कोरोना महामारी के प्रकोप से गुजर रहा है। कोरोना बीमारी भारत जैसे देश के लिए एक विशेष खतरा है, जहां 65-68ः आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, कोरोना महामारी एक चुनौती बन गई है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसार का जोखिम बढ़ता जा रहा है। देश इस समय बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा है और हमें नहीं पता कि यह किस दिशा में जाएगा। इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में लॉकडाउन तक लगाया गया है।

इस भयावर स्थिति को मद्देनजर रखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र शर्मा, दपिन्दर सिंह और संजीव विकल ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई ) की क्लेम अवधि के समय को बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीने बहुत परेशान करने वाले रहे हैं। इस दूसरी कोविड -19 लहर में रोजाना हजारों की संख्या में लोगों की जान जा रही है, उनमें से अधिकतर 30 और 40 की उम्र के है। ऐसे बहुत से मामले हमारे सामने आ रहे है जहां लोगों ने अपने पूरे के पूरे परिवार को खो दिया है, बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। इस नाजुक वक्त में परिवार के सदस्यों ध् बच्चों की स्थिति बहुत संवेदनशील है। इस वक्त उनकी भावनाओं एवं मनोदशा को प्रासंगिक बनाने की आवश्यकता है, जिससे उनको अपने माता-पिता के खोने के गमध्आघात से धीरे-धीरे बाहर लाया जा सके।
इस महामारी के दौरान कई मुद्दों के बीच जीवन ज्योति बीमा योजना में दावे (क्लेम) के लिए 30 दिनों की सीमा अवधि पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जैसा कि हम सब को मालूम है कि (पीएमजेजेबीवाई ) 9 मई, 2015 को शुरू की गई, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना 18 से 50 वर्ष की आयु के बैंक खाताधारकों को 2 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करती है। यदि आपका प्रिय व्यक्ति जिसे आपने खो दिया है। मृत्यु के बाद उनका उत्तराधिकारीध् व नॉमनी 30 दिन के भीतर क्लेम के लिए एप्लाई कर सकता है। यह योजना केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है। हालाँकि इसमें दस्तावेजों को जमा करने के लिए केवल 30 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। दावे के लिए दावा प्रपत्र, डिस्चार्ज रसीद, मृत्यु प्रमाण पत्र और रद्द किए गए चेक जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की जाती है। ऐसे समय में, दावा करने से पहले मृत्यु प्रमाण पत्र, मृत्यु का कारण, आदि जैसे दस्तावेज प्राप्त करने में कुछ मामलों में कई सप्ताह, यहां तक कि महीनों लग सकते हैं। इस चुनौतीपूर्ण समय में 30 दिनों के भीतर प्रस्तुत करना न केवल मुश्किल है, बल्कि इससे कोरोना वायरस के फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा। इसके मद्देनजर पत्र लिखकर राष्ट्रपति महोदय से 30 दिनों के टाइम कैप के विस्तार के लिए अनुरोध किया है। इस कठिन समय में अनेकों परिवारों को मदद मिल सकेगी, जिन्होंने अपने प्यारो को खोया है।



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