दिल्ली बार काउंसिल द्वारा पंजीकरण शुल्क में वृद्धि को लेकर केवाईएस ने सौंपा ज्ञापन KYS submitted a memorandum by Delhi Bar Council regarding increase in registration fee



  • कोविड-19 महामारी के दौरान  नए स्नातकोत्तर छात्रों को हो रही दिक्कतों को नजरअंदाज कर पंजीकरण शुल्क बढ़ाना अनुचित!

                                                            सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो




नई दिल्ली। केवाईएस ने आज दिल्ली बार काउंसिल द्वारा हाल ही में बढ़ाए गए पंजीकरण शुल्क से लॉ के नए स्नातकोत्तर छात्रों को पंजीकरण में रही दिक्कतों के संबंध में ज्ञापन सौंपा।  दिल्ली बार काउंसिल और बार काउंसिल, भारत के चेयरमैन के नाम सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम बढ़ाए गए पंजीकरण शुल्क पर पुनविचार करने और वापस लेने की माँग की।

बताना चाहेंगे कि अचानक हुई यह वृद्धि छात्रों के हितों के खिलाफ है, जिसका विशेष प्रभाव आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से संबंध रखें वाले उन छात्रों पर पड़ेगा जो बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के साथ पंजीकरण करना चाहते हैं।

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली द्वारा 23 दिसम्बर 2020 को जारी किए गए हालिया नोटिस के अनुसार बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में पंजीकरण हेतु शुल्क बढ़ाकर 14300 कर दिया गया है, जो 01 जनवरी 2021 से प्रभावी होगा। इस नोटिस के प्रभावी होने से पूर्व छात्रों को पंजीकरण हेतु 9800 रुपये देने होते थे। पंजीकरण शुल्क में बढ़ोतरी का नोटिस, विशेष रूप से वित्तीय कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के प्रति अत्यधिक असंवेदनशील है, क्योंकि कोरोना महमारी का सबसे बुरा प्रभाव समाज के निचले तबके पर पड़ा है।

पंजीकरण शुल्क में बढ़ोतरी संबंध में यह भी इंगित करना चाहेंगे कि इस नोटिस के लागू होने के पश्चात, एक ही अकादमिक सत्र में अपना लॉ कोर्स पूरा करने वाले छात्र भी अलग-अलग नामांकन शुल्क का भुगतान करेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि 01 जनवरी 2021 से पहले नामांकन शुल्क कम था और 01 जनवरी 2021 से पहले दाखिला लेने वाले छात्रों ने कम नामांकन शुल्क का भुगतान किया है, जबकि इसके पश्चात पंजीकरण हेतु फॉर्म भरने वाले छात्रों को अधिक फीस देनी होगी।

नोटिस की विभिन्न विसंगतियों और महामारी के खराब हुई स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, केवाईएस ने दिल्ली बार काउंसिल और बार काउंसिल, भारत के चेयरमैन से फैसले पर पुनः गौर करने हेतु ज्ञापन सौंपा है।


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