वेतन न मिलने के कारण शिक्षकों में भारी असंतोष Heavy dissatisfaction among teachers due to non-payment of salary



                                                        सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 




नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षकों में पिछले साल जुलाई से वेतन न मिलने के कारण भारी असंतोष है। ऐसे में शिक्षकों के मन मे चल रहे अनेकों प्रश्नों को रखने के लिए दिल्ली अध्यापक परिषद की  महापौर,उत्तरी दिल्ली नगर निगम, के साथ मंगलवार को बैठक हुई। बैठक में ऑनलाइन जुड़े परिषद के संरक्षक श्री जयभगवान गोयल तथा वहां प्रत्यक्ष रूप में उपस्थित परिषद के प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश , महामंत्री राजेन्द्र गोयल , निगम निकाय के मंत्री दीपक गोस्वामी ,ज्ञानेंद्र मावी,नरेश शर्मा, राजेश पालीवाल,कुलदीप कादयान, नवनीत देशवाल,संजय जांगड़ा, विजय अग्रवाल, जीत त्यागी  आदि ने  शिक्षकों में गहराते असंतोष से माननीय महापौर महोदय को अवगत कराया। 

परिषद द्वारा जोर देकर कहा गया कि शिक्षकों के मन में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। कोरोना काल में ऑनलाइन टीचिंग के अपने काम को करते हुए भी , आम नागरिकों को राशन बांटने , कोरोना सर्वे , रेलवे स्टेशन से लेकर बस अड्डों तक अन्य जिम्मेदारियों को भी निगम शिक्षकों ने निभाया है । सब काम करते हुए भी अपने ही घर का खर्च चलाने की चिंता भी शिक्षक करे यह अमानवीय है। 

वेतन से एक शिक्षक अपने बच्चों के स्कूल की फीस देता है , घर के जरूरी बिलों और घर के महीने के राशन का भुगतान करता है। बीमारी में परिवार के इलाज का खर्च भी वेतन से ही चलता है। समय पर पेंशन का भुगतान एक बुजुर्ग रिटायर्ड कर्मचारी के बुढ़ापे की लाठी है । परिषद द्वारा इस बात पर जोर दिया गया कि वेतन / पेंशन के भुगतान के मुद्दे को एक डिमांड की तरह देखने के स्थान पर, संवेदनशीलता के साथ मानवीय सरोकारों के साथ देखने और समाधन करने की जरूरत है । 

इसके अलावा शिक्षकों को उनके व्यक्तिगत मोबाइल फोन से अटेंडेंस लगाने की प्रशासनिक सख्ती की ओर भी महापौर का ध्यान दिलाया गया । महीनों से बिना वेतन के काम कर रहे शिक्षक को दस से पंद्रह हजार के मोबाइल खरीदने को मजबूर करने का यह आदेश गलत है । महापौर माननीय जयप्रकाश ने मामले पर ठोस निर्णय लेने का भरोसा दिलाया । 

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर ने विस्तार से तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि कोरोना संकट के कारण निगम की अपनी आय में भारी कमी आई है। जैसे निगम को कन्वर्जन चार्ज से अभी तक 140 करोड़ रुपये की जगह केवल 10 करोड़ रुपये ही मिल पाए। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए और अधिक गंभीर प्रयास करने का आश्वासन दिया । उन्होंने बताया कि निगम अपनी आय बढ़ाने की कोशिशों के साथ- साथ , दिल्ली सरकार से अपने बकाए की वसूली के लिए भी आंदोलनरत है । उन्होंने भविष्य में ठोस राहत मिलने की आशा जताई और कहा कि शिक्षकों को प्रशासनिक राहत मिले इसके लिए उन्होंने शिक्षकों की पेंडिंग एम.ए. सी. पी. जैसी अन्य परेशानियों को दूर करने के लिए प्रयास शुरू किए है । उन्होंने आगामी सोमवार तक शिक्षकों को एक माह का वेतन दिए जाने का भी आश्वासन दिया ।

 

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