दिल्ली के आनंद पर्वत, करदमपुरी, जहाँगीरपुरी संग अन्य इलाकों में जलायी गयी 3 कृषि कानूनों की प्रतियाँ Copies of 3 agricultural laws burnt in other areas including Anand Parvat, Kardampuri, Jahangirpuri, Delhi



  • केवाईएस ने किसान संगठनों के आहवाहन पर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शन में हिस्सेदारी निभाई

  • केवाईएस नए कृषि कानूनों को तुरंत वापस लेने की करता है मांग

                                                            सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 




नई दिल्ली। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने आज दिल्ली के विभिन्न इलाकों में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सामूहिक विरोध प्रदर्शन में हिस्सेदारी निभाई। दिल्ली के कई अन्य इलाकों सहित जहाँगीरपुरी, कर्दमपुरी, आनंद पर्वत क्षेत्र में प्रदर्शन का आयोजन किया गया और तीन कृषि कानूनों की प्रतियाँ जलायी गयी। इन विरोध प्रदर्शन का आयोजन किसान संगठनों के आह्वान पर किया गया था।



ज्ञात हो कि किसान इन कृषि कानूनों के खिलाफ एक लंबी लड़ाई की तैयारी में बैठ गए हैं, और उन्होने इनको रद्द कराकर ही वापस जाने की ठानी है। लेकिन इन कानूनों के जबरदस्त विरोध के बावजूद भाजपा सरकार ने इनको वापस लेने से मना कर दिया है, जिससे यह साफ प्रदर्शित होता है कि कॉर्पोरेटों द्वारा उसे कितना वित्त-पोषण मिल रहा है ? मौजूदा आंदोलन इतना बड़ा रूप लेने में इसलिए कामयाब हुआ है क्योंकि पूरे देश में किसानों की बहुसंख्यक आबादी की स्थिति बेहद खराब है। किसानों की सबसे बड़ी आबादी छोटे-सीमांत किसानों की है, जिनको खेती से कोई भी लाभ नहीं होता। कथित तौर पर सरकार द्वारा यह कानून इसलिए लाये जा रहे हैं ताकि इन किसानों का भला हो सके, लेकिन उल्टे इन कानूनों से उनकी हालत और भी ज्यादा विषम होगी। छोटे-सीमांत किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए, जरूरत है कि सरकार उनसे फसल खरीदने की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ताकि उन्हें सस्ते में अमीर किसानों और बिचैलियों को अपनी फसल न बेचनी पड़े और किसी भी समर्थन मूल्य का फायदा उन्हें पहुंचे।




केवाईएस मांग करता है कि केंद्र सरकार तुरंत इन कानूनों को वापस ले, और ऐसे जन-विरोधी कानून लागू करने के लिए जनता से माफी मांगे। साथ ही, साथ  खेतिहर मजदूरों को अनुसूचित इम्प्लॉइमेंट लिस्ट में शामिल किया जाये और उन्हें न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित किए जाने की भी केवाईएस मांग करता है। केवाईएस आने वाले दिनों में इन मुद्दों के लिए अपनी मुहिम को और तेज करने का ऐलान करता है।


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