मेवाड़ में आॅनलाइन महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री जयंती आयोजित Mahatma Gandhi and Lal Bahadur Shastri Jayanti held online in Mewar




  • विद्यार्थियों ने नाटक और कविताओं के जरिये किया महापुरुषों को याद

  • कोरोनाकाल में गांधी जी के सुराज से ही बनेंगे आत्मनिर्भर - डाॅ. गदिया

                                                            सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 




गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस ने आॅनलाइन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151वीं एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 126वीं जयंती पर आयोजित समारोह में विद्यार्थियों ने देशभक्ति कविताओं व अपने विचारों के जरिये महापुरुषों को याद किया। इस मौके पर मेवाड़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डाॅ. अशोक कुमार गदिया ने विद्यार्थियों से कहा कि कोरोनाकाल में गांधी जी के सुराज से ही हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं। अपने देश के विकास में ही हम सबका विकास निहित है।



उन्होंने महात्मा गांधी व शास्त्री जी के जीवन से जुड़े अनेक प्रसंग सुनाये। उन्होंने बताया कि गांधी जी सम्पन्न परिवार से होने के बावजूद सादा जीवन जिये और आम आदमी की तरह जनता के बीच रहे, इसीलिए उनका आंदोलन जन आंदोलन बना। अंग्रेजों से उन्होंने जनता के बूते स्वाधीनता छीनी। जनता की आवाज बने, तभी गांधी जी राष्ट्रपिता कहलाये। इसी प्रकार साधारण कद-काठी होने के बावजूद शास्त्री जी ने असाधारण कार्य किये। अन्न संकट से देश की जनता को छुटकारा दिलाया। दोनों महापुरुषों का जो सम्मान विदेशों में है, हमारे देश में भी वैसा अगर हो तो हम सच्चे देशभक्त कहलाने के लायक होंगे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी सुराज लाकर देश को प्राकृतिक रूप से विकसित व आत्मनिर्भर बनाना चाहते थे। कोरोनाकाल में अब गांधी जी के इस स्वप्न को साकार करने में हम महती भूमिका निभा सकते हैं। 

आनलाइन कार्यक्रम में मेघा छाबड़ा, पूजा सहाय, मोनिका माहेश्वरी, दीपक, अपर्णा सिंह, साधना श्रीवास्तव आदि विद्यार्थियों ने नाटक, कविताएं, समूह गान, एकल गान आदि प्रस्तुत कर गांधी जी के स्वच्छता, छुआछूत, अहिंसा के पाठ को दोहराया। इस मौके पर मेवाड़ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डाॅ. अलका अग्रवाल समेत मेवाड़ परिवार के तमाम सदस्य आॅनलाइन मौजूद थे। राष्ट्रगान के साथ समारोह का विधिवत समापन हुआ। संचालन आकांक्षा रावत व रोहित पांडेय ने किया।  

Share on Google Plus

0 comments:

Post a comment