डीयू प्रशासन का वंचित और हाशिये के वर्ग के छात्रों के प्रति उदासीन रवैया DU administration's indifferent attitude towards the underprivileged and marginalized students



  • रेगुलर कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी, एसओएल में शुरू नहीं हुआ है पंजीकरण!

  • दाखिले की प्रक्रिया में देरी से एसओएल के छात्रों के अकादमिक वर्ष के सिकुड़ने का खतरा!

                                                       सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 




नई दिल्ली। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) वंचित और पिछड़े वर्गों के छात्रों के प्रति दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के उदासीन रवैये की कड़ी निंदा करता है। ज्ञात हो कि डीयू के रेगुलर कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल), जहाँ सरकारी स्कूलों के अधिकांश छात्र ऊँची कट-ऑफ के चलने प्रवेश लेने को मजबूर होते हैं, में पंजीकरण की प्रक्रिया तक शुरू नहीं हुई है।

ज्ञात हो कि डीयू के विविध पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया जून, 2020 से ही शुरू हुई थी और दाखिले की प्रक्रिया भी अभी शुरू हो चुकी है। लेकिन अब तक एसओल में दाखिले को लेकर कोई भी अधिसूचना तक नहीं आई है। इससे दिल्ली के अधिकांश सरकारी स्कूल के छात्र मझधार में फंसे हुए हैं। दाखिले की प्रक्रिया में देरी के चलते उनका अकादमिक वर्ष सिकुड़ जाएगा और यह उनके आगे के भविष्य को प्रभावित करेगा।

केवाईएस वंचित और पिछड़े वर्गों के छात्रों के प्रति डीयू के उदासीन रवैया की निंदा करते हुए यह मांग करता है कि एसओएल में प्रवेश की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए


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