बच्चों को मौलिक शिक्षा देकर ही समाज में ब्याप्त बुराइ्रयों को मिटाया जा सकता हैे: राम दुलार यादव Ram Dular Yadav



  • लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा शिक्षक दिवस पर पूर्व राष्ट्रपति डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद किया गया।

                                                      सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 




साहिबाबाद। लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट  द्वारा ज्ञान पीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में शनिवार को “शिक्षक दिवस” के रूप में महान शिक्षाविद, प्रसिद्ध दार्शनिक, भारत रत्न, विज्ञानी विचारक, बेजोड़ वक्ता, भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन के स्मृति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 5 शिक्षकों को शाल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के अध्यक्ष/संस्थापक राम दुलार यादव को भी सम्मानित प्रसिद्ध समाज सेविका बिन्दू राय ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी महिला सभा उपाध्यक्ष जनपद गाजियाबाद संजू शर्मा ने, संचालन शिक्षाविद मुकेश शर्मा ने, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने किया। कार्यक्रम के अन्त में मिष्ठान वितरित किया गया तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में उपयोगी आयुष कवच भी वैश्विक महामारी की रोकथाम के लिए वितरित की गयी। 
     
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक राम दुलार यादव ने कहा कि आज मै देश के सभी शिक्षकों को नमन करता हूँ कि जिन्होंने अपनी प्रतिभा की अमूल्य, अमिट छाप अपने छात्रों पर छोड़ी तथा उन्हें देश, समाज की सेवा के लिए तैयार किया। समाज में प्रेम, सहयोग, भाईचारे तथा सद्भाव के लिए प्रशिक्षित किया। डा0 राधाकृष्णन का  शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान रहा है, आज हम उन्हें स्मरण कर गौरवान्वित हो रहे है। वे चहुँमुखी प्रतिभा के धनी विद्वान्, शिक्षक, प्रखर वक्ता, प्रशासक, राजनेता, देशभक्त तथा शिक्षा शास्त्री थे। उनका मानना था कि यदि बच्चों को मौलिक शिक्षा दी जाय तो समाज से नफरत, असहिष्णुता, हिंसा, पाखण्ड, असमानता सहित अनेकों बुराइयों को मिटाया जा सकता है। उनकी सबसे बड़ी विशेषता आम जन के लिए राष्ट्रपति भवन को दो दिन के लिए खोलना तथा बिना पहले आज्ञा लिए बेरोक-टोक मिलना रहा। उनका मानना था शिक्षक-छात्र में कोई संकोच नहीं होना चाहिए, डर का वातावरण नहीं होना चाहिए तभी अध्यापन कार्य श्रेष्ठता पूर्वक किया जा सकता है।
     


राम दुलार यादव ने कहा कि आज शिक्षा का स्तर बहुत ही गर्हित अवस्था में चला गया है। मुझे तो लगता है कि षड्यंत्र के तहत शिक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में मिड डे मील में बच्चों को फंसा दिया गया है, शहर में अधिकतर अकुशल शिक्षक, बच्चों के भविष्य को पूर्ण सुरक्षित नहीं कर पा रहे है। सरकार को मै इस अवसर पर कहना चाहता हूँ कि यदि देश, समाज को मजबूत बनाना है तो शिक्षा पर ध्यान देने के साथ विद्यालयों का समय-समय पर निरिक्षण करना आवश्यक है नहीं तो जो जमात पैदा होगी उसे प्रमाण-पत्र तो मिल जायेगा लेकिन उसे ज्ञान प्राइमरी स्तर का भी न होगा। जिस देश की जनता अशिक्षित होगी, मानसिक स्वस्थ्य नहीं होगी, वह देश कभी उच्च श्रेणी में नहीं गिना जा सकता, इसलिए बहुत कुछ शिक्षा के क्षेत्र में करने की आवश्यकता है। तभी हम डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन की सोच का भारत बनाने की ओर अग्रसर होंगे। 
    
शिक्षाविद मुकेश शर्मा, डा0 सरोज यादव, मोहम्मद अली, राम प्यारे यादव, राजीव गर्ग को माल्यार्पण कर शाल भेंटकर इस अवसर पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सभी कार्यकर्ताओं ने डा0 राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण करते हुए उनके द्वारा बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। मुख्य रूप से डा0 सरोज यादव, बिन्दू राय, संजू शर्मा, रेनू पुरी, मोहम्मद अली, राम प्यारे यादव, मीना ठाकुर, पूनम तिवारी, वीर सिंह सैन, कमला देवी, शहबाना, दयाल शर्मा, रहीमुद्दीन, राजीव गर्ग, सचिन त्यागी, विजय मिश्र, हरेन्द्र यादव, नीरज चैहान, प्रेम चन्द पटेल, केदार सिंह, अंकित राय. हरी कृष्ण, पप्पू, सुभाष यादव, मोहम्मद सलाम, हरिशंकर यादव, अमर बहादुर आदि उपस्थित रहे। 


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