राजस्व कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए जिलाधिकारी ने की पहल District Collector takes initiative to bring transparency in revenue works




  • राजस्व कार्यों की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश

  • दोषियों के खिलाफ अब की जाएगी कठोर कार्रवाई

                                                                प्रमुख संवाददाता  




गाजियाबाद। जिलाधिकारी  अजय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में आज राजस्व कार्यों को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राजस्व वसूली को बढ़ाने में अभियान चलाकर कार्यवाही करें। उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देशित किया कि वह प्रतिदिन साय राजस्व वसूली के बारे में समीक्षा करके जिलाधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित करें। 

बैठक में उन्होंने समस्त उप जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि लेखपाल, कानूनगो एवं नायब तहसीलदार जो भी शासन की प्राथमिकता वाले कार्य हैं उनको अपडेट कर ले। इस संबंध में उन्होंने सभी को 01 सप्ताह का टाइम देते हुए कहा कि अपने-अपने पटल के कार्य पूर्ण करें। उन्होंने समस्त उप जिला अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सप्ताह में 01 दिन लेखपालों के साथ बैठकर समीक्षा करें तथा जिस भी लेखपाल कानूनगो एवं नायब तहसीलदार के स्तर पर जानबूझकर कार्यो में शिथिलता बरती जाना प्रतीत होता है उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई प्रस्तावित करें ताकि संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जा सके।बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त उपजिलाधिकारी एवं समस्त तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि वह अपनी-अपनी तहसील को भ्रष्टाचार मुक्त कराया जाना सुनिश्चित करें। यदि किसी भी लेखपाल, कानूनगो या अमीन के विरुद्ध भ्रष्टाचार के संबंध में कोई शिकायत प्रस्तुत होती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

जिलाधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारी मोदीनगर को निर्देशित किया गया कि मोदीनगर क्षेत्र अंतर्गत एक कानूनगो के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई है उस पर जांच कराकर उचित कार्यवाही सुनिश्चित कराएं। इसके अतिरिक्त उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारी एवं समस्त तहसीलदारों को निर्देशित किया कि 34 एल0आर0 एक्ट (दाखिल खारिज) के अविवादित प्रकरणों एवं धारा 60 राजस्व संहिता अधिनियम के अंतर्गत सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराएं। जिलाधिकारी द्वारा समस्त उपजिलाधिकारी को यह भी निर्देश दिए गए कि धारा-60 राजस्व संहिता अधिनियम के अंतर्गत अकृषक भूमि घोषित किए जाने के संबंध में निर्धारित प्रारूप पर सूचना तैयार कर अपर जिलाधिकारी प्रशासन को तत्काल उपलब्ध कराएं जो समीक्षा के उपरांत इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि अब भविष्य में कोई भी लेखपाल एवं कानूनगो बिना संबंधित उप जिलाधिकारी की अनुमति के मौके पर जाकर पैमाइश नहीं करेगा यदि लेखपाल या कानूनगो का पैमाइश का प्रकरण संज्ञान में आया तो संबंधित लेखपाल कानूनगो के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। 

उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वह अपनी-अपनी तहसीलों में भू-माफियाओं को चिन्हित कर 1 सप्ताह में सूची उपलब्ध कराएंगे साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि भू-माफियाओं द्वारा जितने भी अवैध कब्जे नगर निगम, विकास प्राधिकरण की जमीन पर किए गए हैं उन सभी का एक खाका भी तैयार किया जाए और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ताकि करोड़ों अरबों रुपए की सरकारी संपत्ति को भू-माफियाओं से छुड़ाया जा सके। 

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0 एवं रा0, अपर जिलाधिकारी प्र0, अपर जिलाधिकारी भू0आ0, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

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