भारतीय सैनिकों ने एलएसी पर नाकाम की 500 चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोशिश, पीछे खदेड़ा Indian troops thwart LAC attempt to infiltrate 500 Chinese soldiers, chased back



                                                      शांतिदूत न्यूज नेटवर्क


 

नई दिल्ली। भारत और चीन के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प हुई है। बताया गया है कि 29 अगस्त की रात यह झड़प पेंगोंग त्सो झील के पास हुई है। सरकार ने इस पर कहा है कि हमारे जांबाज जवानों ने चीनी सैनिकों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। वहीं, सूत्रों ने बताया है कि चीन 500 सैनिकों के साथ घुसपैठ करना चाहता था। 

भारतीय सेना के पीआरओ कर्नल अमन आनंद ने कहा, ‘ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों ने 29ध्30 अगस्त की रात को पूर्वी लद्दाख में चल रहे गतिरोध के दौरान दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए हुई सैन्य और राजनयिक बातचीत का उल्लंघन किया और यथास्थिति को बदलने के लिए घुसपैठ की। ’

पीआरओ ने कहा, ‘ भारतीय सेना ने पेंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर पीएलए के जवानों की इस कायराना हरकत को नाकाम कर दिया। सेना के जवानों ने इस इलाके में हमारी स्थिति को मजबूत किया और जमीनी स्थिति को बदलने के चीनी इरादों को ध्वस्त किया। ’

उन्होंने कहा, ‘ भारतीय सेना बातचीत के माध्यम से शांति और एकता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए भी समान रूप से दृढ़ है। सीमा मुद्दों को हल करने के लिए चुशुल में एक ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग चल रही है। ’

500 सैनिकों के साथ घुसपैठ की थी योजना

चीन ने भारतीय सीमा में घुसपैठ के लिए बड़े स्तर पर योजना बना रखी थी। सूत्रों ने बताया है कि चीन 500 सैनिकों के साथ घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन भारतीय जवानों के साहस ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। इससे पता चलता है कि चीन की योजना इस इलाके में अड़ जाने की थी। 

एलएसी पर तनाव के चलते श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर रोकी गई लोगों की आवाजाही

सूत्रों ने बताया है कि एलएसी पर तनाव के चलते श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर लोगों की आवाजाही को रोक दिया गया है। केवल सेना के वाहनों और आवश्यक कार्यों के लिए जाने वाले लोगों को छूट दी गई है। वहीं, अधिकारियों ने कहा है कि खराब मौसम की वजह से श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर आवाजाही रोकी गई है।
चीनी लड़ाकू विमान भर रहे उड़ान

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (पीएलएएफ) द्वारा होतान एयरबेस पर जे-20 लड़ाकू विमानों को तैनात किया है। बताया गया है कि इन विमानों को झड़प वाली रात से पहले ही तैनात किया गया था। होतान एयरबेस पर लड़ाकू विमानों की तैनाती इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि ये लद्दाख के नजदीक है। चीन ने ये तैनाती रणनीति के तहत की है। मिली जानकारी के अनुसार अब भी लड़ाकू विमान उड़ान भर रहे हैं। 

चीनी सैनिकों ने नहीं पार की सीमा: चीन

चीन के विदेश मंत्रालय ने लद्दाख की पेंगोंग त्सो झील के किनारे हुई इस झड़प पर अपना बयान जारी कर कहा, ‘ चीनी सैनिकों ने हमेशा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का कड़ाई से पालन किया है और कभी भी रेखा को पार नहीं किया है। दोनों देशों की सीमा के सैनिक इस क्षेत्र के मुद्दों पर आपस में बातचीत करते रहे हैं। ’

दोनों देशों के सैनिकों के बीच नहीं हुई शारीरिक झड़प

भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया है कि पूर्वी लद्दाख के पेंगोंग त्सो झील के किनारे हुई झड़प में भारतीय और चीनी जवानों के बीच कोई शारीरिक झड़प नहीं हुई है। 

गौरतलब है कि, जून के मध्य में दोनों देशों के जवानों के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, चीन ने इस झड़प में हताहत हुए अपने जवानों की जानकारी को साझा नहीं किया था। हालांकि, एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बताया गया था कि इस घटना में चीन के 35 जवान हताहत हुए थे। 

भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पिछले साढ़े तीन महीने से पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ कई क्षेत्रों में गतिरोध जारी है। भारत इस बात पर जोर देता रहा है कि चीन को अपनी सेना को फिंगर 4 और 8 के बीच के क्षेत्रों से हटाना होगा।

चीन ने भारत को दी पीछे हटने की धमकी  

चीनी सेना का कहना है कि वह भारत को तनाव से बचने के लिए चीन-भारत सीमा से अपने सैनिकों को वापस लेने की मांग करती है: रायटर

पैंगोंग झील के पास ऊंचाई वाली जगह पर भारतीय सेना का कब्जा

सूत्रों के मुताबिक एक विशेष ऑपरेशन बटालियन सहित भारतीय सेना के सैनिकों द्वारा कब्जाई गई एक ऊंचाई वाली जगह, थाकुंग के पास पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी तट पर स्थित है। यह जगह निष्क्रिय पड़ी थी, इसे कब्जे में रखने वाले पक्ष को झील और आसपास के दक्षिणी तट को नियंत्रित करने में रणनीतिक लाभ मिल सकता है।
सूत्रों के अनुसार एक विशेष ऑपरेशन बटालियन को हाल ही में इस क्षेत्र में भेजा गया था और 29-30 अगस्त की रात को इस क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया और वहां से इस ऊंचाई वाली जगह पर कब्जा कर लिया, जहां से चीनी सैनिक बमुश्किल कुछ सौ मीटर की दूरी पर मौजूद थे।

ऊंचाई वाली जगह भारतीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है, लेकिन चीनी भी इसे अपने पक्ष में होने का दावा करते हैं। मामले और तनाव के समाधान के लिए चुशुल ध् मोलदो में पहले से ही दो ब्रिगेड कमांडर स्तर की बैठकें हो चुकी हैं लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला है।




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