मेंटेनेंस चार्ज को लेकर आवास विकास परिषद और आवंटियों में ठनी The Housing Development Council and the allottees are embroiled over the maintenance charge


सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 

                             आवास विकास परिषद का ड्रीम प्रोजेक्ट शिखर एंकलेव।

वसुंधरा। मेंटेनेंस चार्ज के मामले में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद और शिखर एन्क्लेव वसुंधरा के आवंटियों में ठन गई है। इस तनातनी से शिखर एन्क्लेव के रख रखाव, बिजली - पानी  की आपूर्ति पर संकट छा गया है। यह हाल तो तब है जवकि शिखर एंकलेव परिषद का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है।
       
जानकारी के अनुसार शिखर एन्क्लेव वसुंधरा सेक्टर 15 में मेंटेनेंस पर आवास विकास और निवासी आमने-सामने आ गये हैं। मेंटेनेंस चार्ज नहीं देने पर आवास विकास परिषद ने जनरेटरों में डीजल न भरवाने, सुरक्षा गार्ड व सफाईकर्मियों को हटाने की दी धमकी दी है। यहां के निवासियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद मेंटेनेंस के नाम पर गलत पैसा मांग रही है तथा  पैसा न जमा करने पर सोसाइटी के जनरेटरों में डीजल भरवाने में अपनी असमर्थता के साथ अगस्त माह से सुरक्षा गार्ड व सफाई कर्मचारियों को भी हटाने का नोटिस दिया है। इस नोटिस से निवासियों में हड़कंप मच गया है क्योंकि गर्मी के मौसम में बिजली की कटौती हो रही है और परिसर में लगीं आठ लिफ्टों को पावर बैकअप नहीं मिलेगा। इससे अब निवासी लिफ्टों का प्रयोग करने से भी डरेंगे। पता नहीं कब बिजली चली जाए और वे लिफ्ट में ही फसे रह जायें। वर्तमान में सोसाइटी के  चार टावर में 216 फ्लैट्स है और अभी 700 से ज्यादा लोग निवास कर रहे हैं। 
       
उधर परिषद सोसाइटी को हेंडओवर करने पर अड़ा हुआ है। जबकि सोसाइटी की आरडब्लूए भी सवालों के घेरे में है। परिषद ने भवन का पूर्णता (कंपलेशन) प्रमाण पत्र भी 31 दिसम्बर 2018 को जारी किया गया था और रेरा के एक आदेश के अनुसार जब तक बिल्डर के पास पूर्णता प्रमाण पत्र  नहीं मिल जाता तब तक बिल्डर मेंटेनेंस चार्ज वसूल नहीं कर सकता। इस प्रमाण पत्र के हिसाब से देखा जाए तो आवास विकास परिषद को 31 दिसम्बर 2020 तक सोसाइटी की मेंटेनेंस करनी चाहिए क्योंकि आवास विकास में दो साल का मेंटेनेंस चार्ज एडवांस में निवासियों से लिया हुआ है। जवकि अभी तक न तो क्लब हाउस व स्विमिंग पूल तैयार हो पाया है और न ही यूजीआर ठीक से चालू हो पाया है। यूजीआर का पैनल बॉक्स तकनीकी रूप से असुरक्षित आवंटी बताते हैं। आवंटी बताते हैं कि यूजीआर जमीन में नीचे लगे होने के कारण कोई भी कर्मचारी उसको चालू करने से डरता है। इसके साथ ही वहां पर सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं है। जिससे यहां  का फायर फाइटिंग सिस्टम भी काम नहीं कर रहा है।  लोगों को पानी की किल्लत का भी डर सता रहा है। इस संबंध में निवासियों ने पहले ही बिजली विभाग व फायर ब्रिगेड, वैशाली को शिकायत दी है।
       
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा बनाए गए इस ड्रीम प्रोजेक्ट था। आवंटी बताते हैं कि परिषद ने प्रोजेक्ट का स्वरूप भी बदल दिया है।  इस प्रोजेक्ट को लॉन्च करने से पहले लोगों को बड़े-बड़े खुआब  परिषद ने दिखाए थे तथा प्रोजेक्ट में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने का भरोसा दिया गया था लेकिन परिषद ने अपना वायदा पूरा नहीं किया।
          
इस सोसाइटी का  एक दुखद पहलू भी है । यहां के आवंटी भी  दो हिस्सों में बैठे हुए हैं। एक ओर वे लोग हैं जो यहां की आरडब्ल्यूए पर काबिज हैं और दूसरे वो लोग हैं जो कालातीत हुई आरडब्लूए की नई कार्यकारिणी के लिये चुनाव नहीं कराए जाने से नाराज हैं। इस संबंध में आरडब्ल्यूए पर लंबे समय से अवैधानिक रूप से काबिज  पदाधिकारियों की शिकायत कुछ आवंटियों ने चिट फंट सोसायटी के रजिस्ट्रार  मेरठ के यहां भी की है। सोसाइटी के रजिस्ट्रार के  आदेश के बावजूद भी  आरडब्लूए की पुरानी कार्य कारिणी  नई कार्यकारिणी के गठन में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही। यही फूट भी वजह है कि  परिषद भी मनमानी पर अड़ी है।








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