हफ्ते में 2 दिन की बंदी से व्यापारी नाखुश Businessman unhappy with 2-day ban



                                                  सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 



साहिबाबाद ।  हफ्ते में 2 दिन की बंदी से व्यापारी नाखुश हैं । व्यापारियों का कहना है कि वे कोविड-19 के कारण सभी जरूरी कदम अपने कारोबार में उठा रहे हैं। उनके व्यापार के खुलने से कोई संक्रमण का मामला अभी तक नहीं आया है। इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा हफ्ते में 2 दिन बाजार बंद कराया जा रहा है,जो व्यापारिक हित में नहीं है। इस कारण व्यापारियों को बहुत बड़ा नुकसान  हो रहा है और व्यापारी 2 दिन की बंदी से नाखुश हैं।
         
इस संबंध में साहिबाबाद व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रवीण भाटी एवं संरक्षक हरिओम कसाना ने बताया कि इस समय त्योहारों का सीजन चल रहा है और दुकानें 2 दिन बंद रहती हैं। इससे उनके व्यापार पर बहुत ज्यादा बुरा असर पड़ रहा है। जिला प्रशासन को चाहिए कि सप्ताह में 1 दिन व्यापार बंद के आदेश दे और यह बंदी के दिन अलग अलग बाजारों के अलग-अलग दिन किए जा सकते हैं। 

जिला प्रशासन द्वारा बताया गया था कि दो दिन की बंदी के दौरान शनिवार को  नगर निगम बाजारों में सैनिटाइजेशन का काम करेगा और रविवार का दिन स्वच्छता अभियान के लिए रहेगा। लेकिन जिला प्रशासन का यह आदेश धरा का धरा रह गया। इन दोनों बिंदुओं पर प्रशासन खरा नहीं उतरा। शनिवार को किसी भी बाजार में नगर निगम ने सैनिटाइजेशन का काम नहीं किया और रविवार को कभी स्वच्छता अभियान नहीं चलाया गया। नगर निगम गाजियाबाद के सफाई कर्मी पहले की तरह सफाई कार्य करते हैं और रविवार में उनकी छुट्टी रहती है। तब स्वच्छता के नाम पर रविवार के दिन बाजार बंद कराने का क्या औचित्य है। जब कि आम आदमी का अवकाश रविवार का  होता है और वह उसी दिन अपने रोजमर्रा की चीजें तथा त्यौहारी  सामान खरीदता है। अन्य दिन नौकरीपेशा लोगों की  आवाजाही कम होती है और बाजार में खरीदारी भी कम हो जाती है। आम व्यापारियों का भी यही मत है कि जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार हफ्ते में 2 दिन शनिवार और रविवार को सभी व्यापारिक गतिविधियां बंद रखना औचित्य से परे है। 


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