एसओएल छात्र जलाएंगे खराब और अधूरा स्टडी मटेरियल SOL students will burn spoiled and incomplete study material





  • ऑनलाइन असाइनमेंट और ऑनलाइन परीक्षाओं के खिलाफ अभियान तीव्र करने का केवाईएस ने किया ऐलान


  • परीक्षाएँ नहीं तो सभी प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों का परीक्षा शुल्क वापस करे डीयू: केवाईएस


                                                               विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा एसओएल तृतीय वर्ष छात्रों की ऑनलाइन परीक्षा और प्रथम व द्वितीय वर्ष असाइन्मंट के फैसले के खिलाफ क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के बैनर तले डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) छात्र डीयू द्वारा दिये गया खराब और अधूरे स्टडी माटेरियल को जलाकर अपना विरोध दर्ज करेंगे। बड़ी संख्या में एसओएल के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्र आगामी 10 जून (बुधवार) को अपने घर से ही इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।

इसके साथ ही केवाईएस सभी प्रथम और द्वितीय वर्ष छात्रों कि परीक्षाएँ स्थगित होने पर विश्वविद्यालय से मांग करता है कि छात्रों से लिया गया परीक्षा शुल्क वापस किया जाये। ज्ञात को कि एसओएल द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार एसओएल में पढ़ रहे प्रथम व द्वितीय वर्ष छात्रों को ऑनलाइन असाइनमेंट देना होगा, जिसके आधार पर अगले सत्र में उनका प्रमोशन किया जाएगा, ऐसे में बिना परीक्षाओं के छात्रों से परीक्षा शुल्क लिया जाना अन्यायपूर्ण है। डीयू ने तय किया है कि सभी कॉलेज, विभागों और फैकल्टी के अंतिम वर्ष छात्रों ( रेगुलर कॉलेज, एसओएल और एन.सी.डब्लू.ई.बी सहित) को ही ऑनलाइन परीक्षाएँ देनी होंगी। ऑनलाइन परीक्षाओं के फैसले का एसओएल के बहुसंख्यक तृतीय वर्ष छात्र-छात्राएँ सुविधाओं और संसाधनों की कमी के कारण विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही छात्रों का कहना है कि एसओएल प्रशासन द्वारा दिया गया स्टडी मटेरियल बेहद ही खराब है और इसमें तमाम गलतियाँ हैं, जिससे देख कर ओपन बुक परीक्षाएँ देना या असाइनमेंट देने से छात्र बड़ी संख्या में फेल ही होंगे।

ज्ञात हो कि डीयू के एसओएल छात्र, प्रशासन के सामने लंबे समय से बेहतर शिक्षा व्यवस्था और सुविधाओं को लेकर लगातार मांग उठाते रहे हैं। लेकिन एसओएल के स्टडी मटेरियल को अपडेट करने और तथ्य, विवेचना, स्पेलिंग आदि की त्रुटियों में सुधार करने की मांग को डीयू प्रशासन ने लगातार अनदेखा किया है। अधिकतर स्टडी मटिरियल स्नातकोत्तर छात्रों द्वारा तैयार करवाया गया है, जिसका न तो पियर-रिवियू (अन्य शिक्षकों द्वारा आंकलन) किया गया है और न ही पाठ के लेखक का नाम दिया गया है। एसओएल के सभी कोर्स के सभी इयर के स्टडी मटेरियल का यही हाल है। घटिया क्वालिटी स्टडी मटिरियल द्वारा तृतीय वर्ष छात्रों की ऑनलाइन परीक्षाएँ और प्रथम व द्वितीय वर्ष छात्रों को ऑनलाइन असाइनमेंट के आधार पर प्रोमोट करने का फैसले एसओएल छात्रों के हित में नहीं हैं, बल्कि विश्वविद्यालय इसके माध्यम से अपनी जवाबदेही और नाकामी छिपाने का ही प्रयास कर रहा है।

इन मुद्दों को देखते हुए, केवाईएस मांग करता है कि डीयू के ऑनलाइन परीक्षा और असाइनमेंट के फैसले को वापस लिया जाये। इस फैसले के खिलाफ केवाईएस ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से अभियान चला रहा है और बड़ी संख्या में छात्र 10 जून (बुधवार) को अपने घर से घटिया क्वालिटी स्टडी मटिरियल जलाकर अपना विरोध दर्ज करेंगे।


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