गंगा दशहरा के पावन पर्व पर पूर्व सपा प्रत्याशी ने बांटे जरूरतमंदों को राशन किट On the holy festival of Ganga Dussehra, former SP candidate distributed ration kit to the needy





  • लाॅकडाउन के शुरू से ही गरीब, बेसहारों के मदद कर रहे वीरेन्द्र यादव


                                            सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो

साहिबाबाद । सोमवार गंगा दशहरा के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं को शुभ कामना देते हुए समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने गरीब, बेसहारा व जरूरतमंदों को राशन किट वितरण किया। 

उन्होंने गंगा दशहरा पर शुभकामना देते हुए कहा कि देश को सम्पन्नता प्रदान करने वाली माँ गंगा आप के जीवन में समृद्धि लायें। इसके साथ ही  1, स्वरुप पार्क ज्ञानपीठ केन्द्र के प्रांगण में जरुरतमन्द परिवारों को राशन किट चावल, दाल, चीनी, आटा, तेल, नमक खाद्य सामग्री का वितरण किया। लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट सभी साथियों के सहयोग से लगातार पूरे गाजियाबाद में राशन किट तथा प्रवासी मजदूरों में भोजन पैकेट, कोल्डड्रिंक, पानी, बिस्कुट वितरित कर चुका है।
  

इस अवसर पर वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के संकट के कारण आज बड़ी संख्या में लोगों के सामने दो जून की रोटी का संकट पैदा हो गया है। लॉकडाउन से उनकी हालत दयनीय हो गयी है, उ0प्र0 व केन्द्र सरकार लॉकडाउन में लोगों की मदद करने में संवेदना शून्य, बेरहम बनी हुई हैं, जो भी सरकारों ने मदद की वह अपर्याप्त है। इस महामारी ने देश की आर्थिक स्थिति की पोल खोल दी है। आजादी के 70 वर्ष बाद भी हम अपने देशवासियों के भोजन का पूरा इंतजाम नहीं कर पाये। शिक्षा, स्वास्थ्य तो छोड़ ही दें आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है। 1 प्रतिशत भारतीय अमीरों ने देश के 73ः संसाधनों पर कब्जा कर लिया है। आज करोड़ों नौकरी पेशा बेरोजगार हो, आर्थिक संकट झेल रहे है। सरकार को बेरोजगारों, जरुरतमंदों को सीधे राहत की आवश्यकता को पूरा करना चाहिए। विश्व में जहाँ-जहाँ कोरोना बीमारी फैली कहीं ऐसी अव्यवस्था नहीं फैली जितनी की हमारे देश में मजदूर भूखा, प्यासा पैदल अपने घर को जाने को मजबूर हो गया, क्योंकि जिस शहर को बनाने में उसने हांड़तोड़ मेहनत की वह और वहां की सरकारों ने उसे उसके हाल पर छोड़ दिया। संवेदनहीनता का व्यवहार वह झेल नहीं पाया रास्ते में चलते-चलते कुछ ने भूख, प्यास से, कुछ ने सड़क दुर्घटना में दम तोड़ दिया, सैकड़ों घायल हो गये। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में सैकड़ों ने भूख, प्यास, दवा न मिलने के कारण दम तोड़ दिया। इतनी दुखद घटना घटित हो रही है कि सुन, देखकर दिल दहल जाता है। देश की अर्थ व्यवस्था में मजदूर भाइयों के योगदान को भुला दिया गया है। आज आवश्यकता है उनके घाव पर मरहम लगाने की, वह सीधी आर्थिक मदद से हो सकती है।
  
भारत में जब आर्थिक संकट है कोरोना महामारी से पूरा देश जूझ रहा है, भारतीय जनता पार्टी केन्द्र सरकार के 6 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों के बखान में पत्र जारी कर रही है। मै आप सभी को अवगत कराना चाहता हूँ कि “संयुक्त राष्ट्र महासभा के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेट वर्क्स द्वारा 20 मार्च 2020 को जारी आठवीं विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2020, में भारत 156 देशों की सूची में 144वें स्थान पर पहुँच गया है। यह रिपोर्ट किसी देश की प्रति व्यक्ति आय, स्वास्थ्य का स्तर सामाजिक सहयोग की स्थिति, आपसी विश्वास, अपने जीवन सम्बन्धी निर्णय लेने की स्वतंत्रता तथा समाज में उदारता जैसे संकेतकों को लेकर बनायीं जाती है। हम लगातार नीचे जा रहे हैं, 2018 में हम 133वें, 2019 में हम 140वें अब हम मार्च 2020 में 144वें स्थान पर पहुँच गये हैं। श्रीलंका, बंगला देश, भूटान, नेपाल, पाकिस्तान भी इस इंडेक्स में भारत से ऊपर हैं। हमें देश को विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट में अच्छे स्थान के लिए बहुत कुछ करने की आवश्यकता है, झूठे आकड़ों से अर्थव्यवस्था सुदृढ़ नहीं होगी। जमीनी स्तर पर हर क्षेत्र में काम करने की आवश्यकता है। 
    
राशन वितरण करने में साथ के सहयोगी  संजू शर्मा, दयाल शर्मा, इंजी0 धीरेन्द्र यादव, विजय भारद्वाज, अवधेश यादव, सुभाष यादव आदि रहे। 

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