50 लाख रेहड़ी पटरी वालों के लिए सरकार लाएगी सूक्ष्म वित्तपोषण योजना Government to bring micro financing scheme






                                                      शांतिदूत न्यूज नेटवर्क 

नयी दिल्ली । केन्द्र सरकार ने कोविड -19 वैश्विक महामारी की वजह से घोषित लॉकडाउन से परेशानी में फंसे रेहड़ी पटरी वाले खुदरा विक्रेताओं की मदद के लिए सूक्ष्म वित्त पोषण की योजना शुरू की है जिसके तहत फल सब्जी, चाय पकौड़े, पान गुटखा आदि बेचने वाले 50 लाख से अधिक लोगों को आसान शर्तों पर दस हजार रुपए तक का ऋण मिल सकेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी।

श्री जावड़ेकर ने बताया कि हमारे मेहनती रेहड़ी पटरी वाले विक्रेताओं की मदद के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने उनको सस्ते ब्याज पर ऋण प्रदान करने के लिए एक विशेष सूक्ष्म वित्तपोषण की सुविधा योजना – पीएम स्व-निधि यानी प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि शुरू की है। यह योजना उन्हें फिर से काम शुरू करने और अपनी आजीविका कमाने में सक्षम बनाने के लिए एक लंबा रास्ता तय करेगी। विभिन्न क्षेत्रों संदर्भों में वेंडर, हॉकर, ठेले वाले, रेहड़ी वाले, ठेली फलवाले आदि सहित 50 लाख से अधिक लोगों को इस योजना से लाभ मिलने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा आपूर्ति की जाने वाली वस्तुओं में सब्जियां, फल, रेडी-टू-ईट स्ट्रीट फूड, चाय, पकौड़े, ब्रेड, अंडे, वस्त्र, परिधान, जूते, कारीगर उत्पाद, किताबें/स्टेशनरी आदि शामिल हैं। सेवाओं में नाई की दुकानें, मोची, पान की दूकानें व कपड़े धोने की दूकानें शामिल हैं। वे लोग कोविड-19 संकट के मद्देनजर जिन समस्याओं का सामना कर रहें है, उनके प्रति मोदी सरकार संवेदनशील है। ऐसे समय में उन्हें अपने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सस्ती क्रेडिट प्रदान करना सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता है।शहरी स्थानीय निकाय इस योजना के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

श्री जावड़ेकर ने कहा कि यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों के आस-पास सड़क पर माल बेचने वाले विक्रेता शहरी आजीविका कार्यक्रम के लाभार्थी बन गए हैं। वेंडर 10 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण का लाभ उठा सकते हैं किसे वे एक वर्ष में मासिक किस्तों में चुका सकते हैं। ऋण की समय पर/जल्दी चुकौती करने पर सात प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सब्सिडी लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से छह मासिक आधार पर जमा की जाएगी। ऋण के समय से पहले चुकाने पर कोई जुर्माना नहीं लिया जाएगा।

इस योजना में ऋण सीमा को समय पर/शीघ्र चुकाने के लिए ऋण की सीमा में वृद्धि करने में मदद मिलती है ताकि विक्रेता को आर्थिक सीढ़ी पर ऊपर चढ़ने की अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने में मदद मिल सके। यह पहली बार है कि एमएफआई/गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान/स्वयं सहायता समूह बैंकों को उनके जमीनी स्तर की उपस्थिति और सड़क पर माल बेचने वालों सहित शहरी गरीबों के साथ निकटता के कारण शहरी गरीबों की इस योजना में अनुमति दी गई है।

उन्होंने बताया कि इस योजना को एंड-टू-एंड समाधान के साथ संचालित करने के लिए वेब पोर्टल/मोबाइल ऐप के साथ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है। यह आईटी प्लेटफॉर्म वेंडर्स को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में समाहित करने में भी मदद करेगा। यह योजना सड़क पर माल बेचने वालों को मासिक नकद वापसी के जरिये डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करेगी। आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय क्षमता निर्माण के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का जून में पूरे देश में शुभारंभ करेगा। जुलाई के महीने में ऋण दिया जाना शुरू हो जाएगा।

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