कोविड - 19: शासन से नामित नोडल अधिकारियों ने किया कलेक्ट्रेट में बैठक Kovid - 19: Nodal officers nominated by the government met in the collectorate




  • दूसरे चरण में कई स्थानों पर कोविड-19 को लेकर किया गया स्थल निरीक्षण।


  • संबंधित अधिकारियों को कोरोना के संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश।


                                                                   प्रमुख संवाददाता 

गाजियाबाद। कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए जनपद गाजियाबाद में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन से नामित जनपद के नोडल अधिकारी एवं सचिव सेंथिल पांडियन सी एवं केजीएमयू के प्रोफेसर अनिल चंद्रा ने कलेक्ट्रेट के सभागार में महत्वपूर्ण बैठक करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से सर्विलेंस के कार्यों को बहुत ही दृढ़ता के साथ जनपद में संचालित करने के निर्देश दिए हैं। 


नोडल अधिकारी ने समीक्षा करते हुए कहा कि कोरोना के संक्रमण को रोकने में सर्विलेंस का कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण है। अतः  जहां पर कोरोनावायरस के संक्रमित मरीज मिल रहे हैं उन्हें तत्काल आइसोलेशन करते हुए उनके कांटेक्ट का तुरंत परीक्षण कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को वहीं पर रोका जा सके। जनपद में कोविड-19 अस्पतालों में सभी मरीजों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल के अनुरूप इलाज संभव हो तथा सभी को मानकों के अनुसार खानपान की व्यवस्था सुनिश्चित एवं साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखा जाए इस संबंध में भी समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए हैं। 

कोरोना वायरस के संक्रमण से मृत्यु दर को रोकने के संबंध में भी नोडल अधिकारी एवं प्रोफेसर के द्वारा गहन समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में केजीएमयू के प्रोफेसर अनिल चंद्रा के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं चिकित्सकों को महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई ताकि सभी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों का मानकों के अनुसार इलाज संभव हो सके और सभी चिकित्सक तथा पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित रहे। बैठक में नोडल अधिकारी के द्वारा दूरभाष के माध्यम से  कोविड- अस्पतालों में इलाज  करा रहे मरीजों से बात करते हुए इलाज के संबंध में जानकारी प्राप्त की वहीं दूसरी ओर साफ सफाई एवं खानपीन के संबंध में भी फीडबैक ली गई जिस पर नोडल अधिकारी के द्वारा संतोष प्रकट किया गया। इस अवसर पर जिला अधिकारी अजय शंकर पांडे मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एनके गुप्ता स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी गण एवं प्रशासन के अधिकारी गण उपस्थित रहे। 

दूसरे चरण में नोडल अधिकारी सेंथिल पांडियन सी एवं केजी एम यू के प्रोफेसर डॉक्टर चंद्रा के द्वारा साहिबाबाद में पहुंचकर ईएसआईसी अस्पताल का स्थल निरीक्षण किया। जहां पर उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक के रूम में कंप्यूटर के माध्यम से मरीजों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। यहां पर वर्तमान तक कोरोना के 200 मरीजों को ठीक करके डिस्चार्ज किया जा चुका है। अस्पताल में 76 बेड की व्यवस्था है तथा वर्तमान में 61 कोरोना के पेशेंट अपना इलाज करा रहे हैं। नोडल अधिकारी के द्वारा यहां पर फोन के माध्यम से कोरोना के मरीजों से बातचीत भी की गई। अस्पताल में साफ सफाई एवं खानपान की व्यवस्था बहुत ही सुंदर पाई गई। इसके उपरांत दोनों अधिकारियों के द्वारा साहिबाबाद में गुलमोहर ग्रीन सोसाइटी का स्थल निरीक्षण किया गया जहां पर कोरोना के संक्रमित व्यक्ति पाए जाने पर इसे कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। यहां पर भी प्रशासन एवं पुलिस की व्यवस्था मानकों के अनुसार पाई गई।

नोडल अधिकारी के द्वारा स्थानीय नागरिकों से रोजमर्रा की आवश्यक सामग्री दूध एवं फल सब्जियां मिलने के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। स्थानीय नागरिकों के द्वारा नोडल अधिकारी को अवगत कराया गया कि जिला प्रशासन के द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जा रही हैं। इसके उपरांत नोडल अधिकारी के द्वारा मोदीनगर में पहुंचकर दिव्य ज्योति अस्पताल का स्थल निरीक्षण किया गया जहां पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ढाई सौ से 300 बैड का कोविड लेवल वन का अस्पताल शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यहां पर भी नोडल अधिकारी के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए हैं। भ्रमण के दौरान जिला अधिकारी अजय शंकर पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। 


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