डीयू के एसओएल छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षा के खिलाफ किया ‘सत्याग्रह’ और भूख हड़ताल DU students 'Satyagraha' and hunger strike against online exam






  • छात्रों के बीच कराये गए जनमत-संग्रह में 8 हजार से ज्यादा छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षा को किया रद्द


  • छात्रों ने रेगुलर छात्रों के साथ समानता बनाए रखने की मांग की


विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली ।  सैकड़ों की संख्या में आज दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के छात्रों ने एक-दिवसीय ‘सत्याग्रह’ और भूख हड़ताल में हिस्सेदारी निभाई।

यह सत्याग्रह क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) द्वारा आयोजित किया गया था। ज्ञात हो कि डीयू के इस फैसले से छात्र और शिक्षक बेहद ही मानसिक तनाव की स्थिति में हैं। इस फैसले का सबसे खराब असर वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले लाखों एसओएल छात्रों पर पड़ेगा जिनके पास ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए मूलभूत चीजें जैसे कंप्यूटर व स्मार्टफोन, स्थिर व तेज इंटरनेट, और अच्छे और पूरे स्टडी मटेरियल की भारी कमी रही है। सत्याग्रह को एसओएल छात्रों का भारी समर्थन प्राप्त हुआ, जिनको डीयू के ऑनलाइन परीक्षा के फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान होने वाला है।

ज्ञात हो कि छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा के कारण बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मगर ऑनलाइन परीक्षा के खिलाफ विरोध में भी एसओएल छात्रों की चिंताओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है, और डीयू को जो सुझाव भी दिये जा रहे हैं, उनका लागू होना भी एसओएल छात्रों के भविष्य के साथ त्रासदी होगी। केवाईएस ने ऑनलाइन परीक्षा के मुद्दे पर एक जनमत-संग्रह भी किया है। ज्ञात हो कि अभी तक इस जनमत-संग्रह में 10 हजार से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया है और  84.4 प्रतिशत ने ऑनलाइन परीक्षा को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। साथ ही, 70 प्रतिशत से ज्यादा छात्रों ने यह कहा है कि उनके पास सही से काम करने वाला कंप्यूटर, स्मार्टफोन भी नहीं है, जो कि ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए आवश्यक है। सर्वे में अभी तक एसओएल के ज्यादातर छात्रों ने कहा है कि उनके घरों में पढ़ने का माहौल नहीं है, और इस स्थिति में अगर ऑनलाइन परीक्षा होती है तो ज्यादातर छात्र फेल होंगे।   


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