केवाईएस ने भोपाल गैस त्रासदी के 3 पीड़ितों की इलाज न मिलने से हुई मौत की भर्त्सना की KYS condemned the death of 3 victims of Bhopal gas tragedy due to lack of treatment.






  • ओपीडी बंद होने से गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रहा इलाज
  • केवाईएस ओपीडी बंद किए जाने के खिलाफ ट्विटर और सोशल मीडिया पर चलाएगा अभियान


                                                                विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने सरकारी अस्पताल में इलाज न मिलने के कारण भोपाल गैस त्रासदी के 3 पीड़ित लोगों की मौत की घटना की कड़ी निंदा की।  भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों का इलाज इलाज होता था, लेकिन कोरोना (कोविड-19) महामारी के कारण, मध्य प्रदेश सरकार ने अस्पताल को अपने अधीन ले लिया है। इसके बाद आदेश जारी कर पीड़ितों को इलाज के लिए कहीं और जाने को कहा गया, तथाकथित तौर पर कोरोना रोगियों के उपचार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए।  सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद इस अस्पताल को 1998 में स्थापित किया गया था, ताकि गैस त्रासदी से पीड़ित लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा सके।

इलाज न मिलने के कारण कम से कम 3 पीड़ितों की मौत हो गई। जरूरी बात यह है कि कोरोना (कोविड-19) के कारण हुई पहली मौत भोपाल गैस पीड़ित की थी। यह मौतें लॉकडाउन के एक महत्वपूर्ण पहलू को रेखांकित करती हैं, यानी कोरोना के मामलों के उपचार के लिए ओपीडी को बंद किया जा रहा है जिसके कारण देश-भर के हजारों रोगियों को इलाज न मिलने से बीमारी और मौत का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि क्षय रोग (टीबी) और अन्य अज्ञात बीमारियों से हर साल लाखों लोगों की मौत होती है और इनमें होने वाली मौतों में भारत की बड़ी हिस्सेदारी है। देश का एक बड़ा हिस्सा इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर है। इस प्रकार, अन्य उपचारों के लिए ओपीडी को बंद करने से देश की मजदूर जनता को बहुत विकट कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार की कामगार जनता के प्रति उदासीनता इस बात से दिख जाती है कि कोरोना पर ही अत्यंत ध्यान बाकी सभी बीमारियों का इलाज नहीं किया जा रहा है। बाकी बीमारियों हर साल लाखों की संख्या में लोगों को मारती हैं। साथ ही, गर्भवती महिलाओं भी अस्पताल नहीं पहुँच पा रही है और कई रिपोर्टें मौजूद हैं जो दिखाती हैं कि किस तरह से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशु को भूखे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
केवाईएस मध्य प्रदेश सरकार की कड़ी भर्त्सना करता है और मांग करता है कि इस आदेश के जिम्मेदार सभी अफसरों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाये। साथ ही, केवाईएस यह भी मांग करता है कि देश के सभी सरकारी अस्पतालों के ओपीडी खोले जाएँ ताकि लोग वहाँ पर अपना इलाज करा सकें। केवाईएस आज ओपीडी खोले जाने और सरकार की कामगार जनता के खिलाफ हजारों लोगों को लामबंद करने के लिए ट्विटर और सोशल मीडिया अभियान करेगा।




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