टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइन्स, हैदराबाद और हरियाणा में फीस बढ़ोत्तरी और निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन में केवाईएस हुआ शामिल increased fees and KYS involved in privatization



फीस बढ़ोत्तरी और हरियाणा में छात्रों पर लगाए गए झूठे केसों को तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई
भाजपा सरकार के उच्च शिक्षा को कुछ लोगों का विवेशाधिकार बनाने के कदम की निंदा की

नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  क्रांतिकारी युवा संगठन(केवाईएस) के कार्यकर्त्ताओं ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्ट्स फैकल्टी के मुख्य द्वार पर अन्य छात्र संगठनो के साथ मिलकर टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइन्स (टिस), हैदराबाद और हरियाणा मे फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। टिस और हरियाणा में संघर्ष कर रहे छात्रों को प्रशासन और सरकार का दमन भी झेलना पड़ रहा है।

ज्ञात हो कि टिस के छात्र 8 जुलाई से प्रशासन के खिलाफ हॉस्टल की फीस बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं। यह बढ़ी हुई फीस दलित और आदिवासी छात्रों को पढ़ाई में एक बाधा बनेगी और छात्रों की मांग है कि इस फीस को घटाया जाये ताकि छात्र अपनी पढ़ाई का खर्च छात्रवृत्ति से वहन कर सकें। पिछले साल भी प्रशासन द्वारा फीस बढ़ाने की कोशिश की गयी थी। प्रशासन ने अपना छात्र-विरोधी रवैया दिखाते हुए छात्रो से बात करने के बजाए कैम्पस को 15 जुलाई से अनिश्चित काल तक के लिए बंद कर दिया है।
हरियाणा में भी कालेजों में फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हरियाणा सरकार और पुलिस द्वारा दमन किया जा रहा है। साथ ही, संघर्ष में शामिल छात्रों पर झूठे आरोप लगाकर उनको गिरफ्तार किया जा रहा है। ज्ञात हो कि राज्य-भर में कालेजों में फीस बढ़ाई गयी है, जिससे वंचित घरों से आने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा तक पहुंचने में और भी ज्यादा कठिनाई होगी। छात्रों के दमन से हरियाणा सरकार की शिक्षा का निजीकरण करने की नीति बेनकाब हुई है, जिसके तहत वो सरकारी संस्थानों में फीस बढ़ाकर प्राइवेट कालेजों को बढ़ावा देना चाहती है।
देश-भर के राज्यों में फीस बढ़ाना केंद्र भाजपा सरकार के शिक्षा में निजीकरण को बढ़ावा देने के एजेंडे के साथ जुड़ा है। इस एजेंडे के तहत वंचित और हाशिये के समुदायों से आने वाले छात्रों का उच्च शिक्षा में पहुँच पाना नामुमकिन हो जाएगा और वो शिक्षा छोड़ने या बेकार कोर्रेसपोंडेंस कोर्सों में जाने को मजबूर होंगे। केवाईएस टिस प्रशासन और हरियाणा सरकार के छात्र-विरोधी रवैये की कड़ी भर्त्सना करता है और फीस बढ़ोत्तरी को तुरंत वापस लेने की मांग करता है। साथ ही, यह मांग करता है कि हरियाणा में छात्रों पर लगाए गए सभी मुकदमों को वापस लिया जाये और गिरफ्तार छात्रों को तुरंत रिहा किया जाये। केवाईएस सभी प्रगतिशील छात्रों और संगठनों से सब के लिए समान शिक्षा के संघर्ष में एकजुट होने का आह्वान करता है।



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