महालक्ष्मी एक्सप्रेस में फंसे 1050 यात्री सुरक्षित निकाले गये 1050 passengers trapped in Mahalaxmi Express were safely evacuated



मुंबई / नयी दिल्ली ।  मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में मानसून के दौरान हुई भारी बारिश के कारण बदलापुर और वांगणी स्टेशनों के बीच पिछले 15 घंटों से पटरी पर अटकी 17411 डाउन महालक्ष्मी एक्सप्रेस ट्रेन में फंसे सभी 1050 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

भारतीय रेलवे की प्रवक्ता स्मिता वत्स शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सेना, वायु सेना, नौसेना, रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ), रेलवे और राज्य प्रशासन के प्रयासों से महालक्ष्मी एक्सप्रेस ट्रेन से 1050 यात्रियों को बचाया गया है जिनमें नौ गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। 

पूरे अभियान में केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और गृह मंत्री अमित शाह लगातार बचाव अभियान की जानकारी लेते रहे। श्री शाह ने बचाव दलों की इसके लिए सराहना की है। ठाणे के प्रभारी मंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद कपिल पाटिल भी लगातार यात्रियों की सुविधाओं की निगरानी करते रहे। 

अपर महानिदेशक (जनसंपर्क) सुश्री शर्मा ने कहा कि मध्य रेलवे ने ट्रेन में एक एस्कॉर्ट पार्टी भेजी थी जिसने यात्रियों को धीरज बंधाया और स्थानीय पुलिस एवं आरपीएफ ने यात्रियों को भोजन और बिस्किट वितरित किये। उन्होंने यात्रियों को समझाया कि वे गाड़ी से नीचे नहीं उतरें। मध्य रेलवे ने महाराष्ट्र सरकार के आपदा नियंत्रण विभाग को सतर्क किया और यात्रियों को हेलीकॉप्टरों से निकालने का फैसला किया। सुबह 11 बजे एक कोच के यात्रियों को ठाणे आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने बाहर निकाल लिया था।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कल भारी बारिश के कारण रात करीब पाैने दस बजे उल्हास नदी का जलस्तर बढ़ गया और इससे अंबरनाथ स्टेशन पर पानी भर गया। अंबरनाथ से बदलापुर के बीच करीब 300 मीटर के खंड पर पानी पटरी की सतह से एक फुट ऊपर पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार इस घटना के बाद डाउन दिशा की दो और अप दिशा की तीन लोकल ट्रेनों और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन से कोल्हापुर जाने वाली 17411 डाउन महालक्ष्मी एक्सप्रेस रुक गयीं। एक डाउन लोकल ट्रेन कल्याण वापस बुलायी गयी। जब पानी कम हुआ तो अप लोकल को मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भेजा गया और एक अन्य डाउन ट्रेन को बदलापुर लाया गया। महालक्ष्मी एक्सप्रेस इगतपुरी की ओर भेजा गया।

महालक्ष्मी एक्सप्रेस छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से रात 20.32 बजे कोल्हापुर के लिए रवाना हुई थी और 21.42 बजे कल्याण पहुंची, लेकिन पानी भरने के कारण गाड़ी बहुत देर तक खड़ी रही और देर रात 01.21 बजे आगे के लिए रवाना हुई। कल्याण से करीब 14 किलोमीटर दूर बदलापुर निकलने के बाद जंगल वाले क्षेत्र में उल्हास नदी के पुल के पास वांगणी में जल स्तर बहुत बढ़ा हुआ होने के लोको पायलट ने गाड़ी रोक दी। जिस समय गाड़ी रुकी, उस समय पानी पटरी की सतह से एक फुट ऊपर बह रहा था। बाद में जलस्तर एक फुट और बढ़ गया। गाड़ी रात भर पानी के बीच खड़ी रही और बहुत देर तक जब नदी का जलस्तर नीचे नहीं उतरा तो गाड़ी में सवार यात्रियों को बाहर निकालने की कवायद शुरू हुई।

महाराष्ट्र सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने सुबह वायुसेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल से सहायता मांगी। गृह मंत्रालय की प्रवक्ता वसुधा गुप्ता ने बताया कि सुबह करीब आठ बजकर 50 मिनट पर रेलवे संरक्षा नियंत्रण कक्ष से सूचना मिली की कि महालक्ष्मी एक्सप्रेस मुंबई से 72 किलोमीटर दूर बदलापुर के पास भारी बारिश के कारण फंसी हुई है। इसके बाद एनडीआरएफ और नौसेना ने बचाव अभियान शुरू किया। मध्य रेलवे ने भी रेलयात्रियों को भोजन आदि भेजा। मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ए के गुप्ता और महाराष्ट्र के मुख्य सचिव ने बचाव अभियान के लिए समन्वय से इस अभियान की निगरानी की।

श्री गुप्ता रात में ही मुंबई मंडल के यातायात नियंत्रण कक्ष में मंडल रेल प्रबंधक एस के जैन तथा सभी विभागों के प्रमुखों के साथ जुट गये थे जबकि अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक एन पी सिंह एवं अन्य अधिकारियों को बदलापुर स्टेशन भेजा गया। रेलवे की टीम ट्रेन के अंदर गई और रस्सियाें एवं बचाव उपकरणों के सहारे एक एक करके यात्रियों को निकालना आरंभ किया। गाड़ी में नौ गर्भवती महिलाएं भी थीं। 37 डॉक्टरों एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैनात किया गया था।

शनिवार को अपराह्न तक एनडीआरएफ और नाैसेना की नौकाओं तथा वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से सभी यात्रियों को बदलापुर लाया गया जहां सह्याद्री मंडल कार्यालय में यात्रियों के विश्राम एवं भोजन आदि का प्रबंध किया गया था। उन्हें वहां से 14 बसों एवं तीन टेम्पो के जरिये कल्याण ले जाया गया। मध्य रेलवे ने 19 कोचों की एक विशेष ट्रेन को कोल्हापुर तक चलाने का फैसला किया है जिससे यात्री गंतव्य पहुंच सकें। मध्य रेलवे के कल्याण करजात/खोपोली सेक्शन को छोड़ सभी सेक्शनों में उपनगरीय सेवाएं सुचारु रूप से चल रहीं हैं। इस घटना के कारण मध्य रेलवे ने छह ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है जबकि चार गाड़ियों को रद्द किया गया है। 


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