अब्दुल गफ्फार की मृत्यु की जाँच उच्च-न्यायलय की देख-रेख में हो: केवाईएस Abdul Ghaffar's death investigation should be done in the supervision of the High Court: KYS



  • मणिपुर में मोहम्मद अब्दुल गफ्फार की हिरासत में मृत्यु के खिलाफ़ आयोजित कैंडल लाइट मार्च में केवाईएस ने निभाई हिस्सेदारी
  • हिरासत में मौत के लिए जिम्मेदार सैन्य पुलिसकर्मियों को तुरंत गिरफ्तार करने की उठाई माँग


नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) कार्यकर्ताओं ने  आर्ट्स फैकल्टी, दिल्ली विश्वविद्यालय पर आयोजित कैंडल लाइट मार्च में अन्य संगठनों के साथ हिस्सेदारी निभाई| यह विरोध प्रदर्शन नार्थ-ईस्ट फोरम फॉर इंटरनेशनल सॉलिडेरिटी (नेफिस) द्वारा आयोजित किया गया था, जो पिछले दिनों मणिपुर के थौबाल जिले में एक व्यक्ति की हिरासत में मृत्यु के खिलाफ था| ज्ञात हो कि पिछले गुरूवार को 26 असम राइफल्स के सैनिकों ने थौबाल पुलिसकर्मियों के साथ मोहम्मद अब्दुल गफ्फार को सुबह 2:30 बजे उसके घर से कथित तौर पर पूछताछ के लिए उठाया| सुबह करीब 8 बजे गफ्फार के परिवारवालों को यह सूचना दी गयी कि गफ्फार का मृत शरीर जवाहरलाल नेहरु मेडिकल साइंस इंस्टिट्यूट में पड़ा है| अस्पताल के सूत्रों ने यह भी बताया कि गफ्फार को जवाहरलाल नेहरु मेडिकल इंस्टिट्यूट में सुरक्षाबल के सैनिकों द्वारा लाया गया था, जहाँ पर उसको मृत घोषित बताया गया|

इस घटना से एक बार फिर यह प्रदर्शित हुआ किस तरीके से देश में सुरक्षा के नाम पर लोगों के खिलाफ अत्याचार और दमन को अंजाम दिया जा रहा है| उत्तर-पूर्व के राज्यों खासकर मणिपुर में इस तरह से आम लोगों को हिरासत में लिए जाने और उनको हिरासत या एनकाउंटर में मारना, एक आम बात चुकी है| ज्ञात हो कि नकली एनकाउंटर में की गयी हत्याओं की जांच करने के लिए पिछले साल सर्वोच्च न्यायलय द्वारा एक जांच बिठाई गयी थी|

केवाईएस आम-जन के जनतांत्रिक अधिकारों के साथ सशक्त रूप से खड़ा है और यह माँग करता है कि अब्दुल गफ़ार की मृत्यु के लिए जिम्मेदार असम राइफल्स और थौबल पुलिसकर्मियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए| इसके साथ-ही-साथ इस मामले की जांच मणिपुर उच्च-न्यायलय की देख-रेख में की जाए|   





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