पलायन: गुजराती मकान मालिक बोला- 10 अक्टूबर तक मकान खाली करो, वरना अंजाम के जिम्मेदार हम नहीं होंगे...



गुजराती लोग बिहारियों और यूपी वालों को जहां देख रहे हैं, वहीं उनकी पिटाई कर रहे हैं और पिटाई करने ढूंढ़ रहे हैं बहाना।

पटना। प्रवासी बिहारियों का गुजरात से लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बार बिहारी त्योहार मनाने नहीं डर के मारे गुजरात छोड़ रहे हैं। सोमवार दोपहर गांधीधाम कामाख्या एक्सप्रेस से पटना लौटे अधिकतर यात्रियों के चेहरे यही कह रहे थे। भागलपुर, सीवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा सहित कई जिलों के गुजरात के विभिन्न इलाकों से पटना आए यात्रियों ने कहा कि गुजरात में उनके साथ मारपीट की जा रही है। उन्हें गुजरात छोड़कर चले जाने की धमकी दी जा रही है। कमरे पर पहुंचकर या फिर फैक्ट्री तक आकर स्थानीय लोग बिहारियों और यूपी वालों को धमका रहे हैं। पीड़ित लोगों ने कहा कि अब वे लोग कभी गुजरात नहीं जाएंगे। वहां का माहौल बदल गया है। अब वो गुजरात न रहा। कुछ यात्रियों ने कहा कि वे त्योहार मनाने के लिए अपने घर आए हैं। पटना जंक्शन पर पीड़ित और भयभीत लोगों में अधिकतर मजदूर वर्ग के लोग दिखे। जो सालभर गुजरात में काम करते हैं और पर्व त्योहार में अपने गांव लौटते हैं।



मकान मालिक ने 10 अक्टूबर का दिया अल्टीमेटम

पटना के जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह 10 वर्षों से गांधीनगर में रह रहा था। उसके मकान मालिक ने कहा- 10 अक्टूबर तक मकान खाली कर परिवार के साथ वापस बिहार लौट जाओ, नहीं तो आगे जो होगा उसके जिम्मेदार हम नहीं होंगे।

दरभंगा के रहमान ग्रेजुएट हैं और गुजरात के पाटन इलाके में परिवार के साथ रह रहे थे। रहमान वहीं एक फैक्ट्री में काम करते थे। उन्होंने कहा कि उनके घर पर पहुंचकर कुछ लोगों ने गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। गुजरात छोड़ देने की धमकी दी।

रहमान ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब बिहारियों को गुजरात से भगाया जा रहा है। वहीं मोतिहारी की सुनैना ने कहा कि उनके पति जब सब्जी लाने बाजार गए थे, तब मारपीट की गई। इसके बाद हमलोग डर के मारे वहां से भागे हैं।

शेखपुरा के राजीव ने कहा कि वे पिछले सात से गुजरात में रहकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। जब गुजरातियों द्वारा धमकी मिली तब वे जाने का मन बना लिए। जाने के लिए जैसे ही अहमदाबाद स्टेशन पहुंचे, वहां उनके साथ मारपीट हुई।

कई यात्रियों ने बताया कि घर से लेकर स्टेशन तक वे लोग गुजरात में कहीं भी सुरक्षित नहीं। पीड़ित लोगों में अधिकतर मेहसाणा, पाटन, गांधी नगर, अहमदाबाद सबरकंठा और आसपास के हैं।


लोगों की पीड़ा : फैक्ट्री से लेकर घर तक की जा रही मारपीट


दो दिनों से रेल प्रशासन को यह सूचना थी कि गुजरात से आने वाली ट्रेनो में बड़ी संख्या में प्रवासी बिहारी लौट रहे हैं। इसमें प्रताड़ित लोगों की संख्या अधिक है। इस करण एहतियात के तौर पर पटना जंक्शन, दानापुर जंक्शन पर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। ट्रेनों को आरपीएफ की टीम एस्कार्ट कर रही थी। आरपीएफ के राजेंद्र ने कहा- हमलोगों को निर्देश था कि लोगों को सुरक्षित ले आना है। यह भी ध्यान रखना है कि पटना पहुंचने के बाद लोग आक्रोश व्यक्त न करें।


वाट्सएप पर देखा वीडियो और पकड़ ली ट्रेन


कुछ प्रवासी बिहारियों ने कहा कि गुजराती लोग बिहारियों और यूपी वालों को जहां देख रहे हैं, वहीं उनकी पिटाई कर रहे हैं। या फिर पिटाई करने का बहाना ढूंढ़ रहे हैं।

अजय ने कहा कि वह गांधीनगर में एक फैक्ट्री में टेक्नीशियन हैं। एक दिन उसे बाथरूम साफ करने के लिए कहा गया। उसने मना किया तो उसकी पिटाई कर दी गई और गुजरात से चले जाने के लिए कहा गया।

इधर, कुछ लोगों ने कहा कि उनके वाट्सएप पर बिहारियों की पिटाई का वीडियो आया। उस वीडियो में कुछ गुजराती धमकाते हुए कह रहे थे कि जो यहां से नहीं जाएगा उसका यही हाल होगा। इसी डर से वे लोग बोरिया-बिस्तर समेटकर वहां से भाग रहे हैं। लोगों ने कहा कि जिसे जहां की ट्रेन मिल रही है, वह वहीं जा रहा है।


गुजरात के डीजीपी को भेजा पत्र, बिहार के लोगों की सुरक्षा का अनुरोध


 गुजरात के विभिन्न इलाकों में बिहार के लोगों पर हो रहे हमले को लेकर पुलिस मुख्यालय भी हरकत में आ गया है। डीजीपी केएस द्विवेदी ने फोन पर गुजरात के डीजीपी से बातचीत की। उन्होंने वहां रह रहे बिहार के लोगों की सुरक्षा का इंतजाम करने के साथ संबंधित घटनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

 इस दौरान गुजरात के डीजीपी ने बिहार के लोगों की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए गुजरात पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। इस बीच एडीजी (पुलिस मुख्यालय) संजीव कुमार सिंघल ने गुजरात के डीजीपी को पत्र लिखा है।

 इसमें एक वारदात का जिक्र करते हुए कहा गया है कि मेहसाना जिले के राजपुर गांव में प्लासटेन इंडिया लिमिटेड कंपनी में कार्यरत बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट करने की सूचना मिली है। इस मामले की जांच व पीड़ितों की सुरक्षा के साथ ऐसी घटनाओं व उसमें की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।



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