पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर मोदी अब क्यों नहीं बोलते, पहले कहते थे दाम बढ़ रहे: राहुल गांधी Why Modi does not speak on rising prices of petrol, first price was rising: Rahul Gandhi



कांग्रेस के मंच पर नजर नहीं आए सपा, बसपा, नेशनल कांफ्रेंस और तृणमूल के नेता

नई दिल्ली।  पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने भारत बंद रखा। कांग्रेस ने दावा किया कि इसमें कुल 21 दल शामिल हुए। राजघाट से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला गया। इसमें 16 दलों के नेता शामिल हुए। रामलीला मैदान पर राहुल गांधी ने कहा कि पेट्रोल की कीमत 80 रुपए से ज्यादा है। मोदीजी पहले कहते थे तेल के दाम बढ़ रहे हैं। अब कुछ नहीं बोलते।



राहुल गांधी ने कहा कि आज किसानों और मजदूरों को रास्ता नहीं दिख रहा। रास्ता सिर्फ 15-20 पूंजीपतियों को दिख रहा है। राफेल डील में हुए घोटाले का पैसा हिंदुस्तान के लोगों का है। जीएसटी ने छोटे और मझोले व्यापारियों को खत्म कर दिया। नोटबंदी में देश का कालाधन सफेद हो गया। उन्होंने कहा कि जो दुख जनता के दिल में है वह हमारे दिल में है। लेकिन भाजपा और मोदी के दिल में नहीं है। आज पूरे विपक्षी दल एकसाथ हैं। हम मिलकर भाजपा को हराने जा रहे हैं।  

एकजुटता पर सवाल : मंच पर सपा, बसपा, नेशनल कांफ्रेंस और तृणमूल कांग्रेस के नेता नजर नहीं आए। इस पर गुलाम नबी आजाद ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि 16 पार्टियों के प्रतिनिधियों ने भाषण दिए। कुछ विपक्षी दलों ने अलग से प्रदर्शन किया। 

कहीं ट्रेनें रोकीं, कहीं तोड़फोड़ : बंद का बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में असर देखा गया। बिहार के मुजफ्फरपुर में बंद समर्थकों ने एक युवक को घर में घुसकर गोली मार दी। उसकी हालत नाजुक है। राज्य में ट्रेनें रोकी गईं, वाहनों में तोड़फोड़ की गई। ओडिशा के संबलपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ट्रेनें रोकीं। मध्यप्रदेश के उज्जैन में पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ की गई। 

बंद का 21 दलों ने किया समर्थन : भारत बंद में कांग्रेस समेत 21 दल शामिल रहे। इनके लोकसभा में 87 सांसद हैं। इनमें कांग्रेस के 48, माकपा के नौ, राकपा के सात, सपा के सात, राजद के चार, एआईडीयूएफ के तीन, झामुमो के दो और ईयूएमएल के दो सांसद हैं। इनके अलावा एनसी, जेडीएस, आरएसपी, भाकपा और रालोद के 1-1 सांसद हैं। बसपा, द्रमुक, लोजद, मनसे, हम, केरल कांग्रेस, एमडीएमके और फॉरवर्ड ब्लॉक का भी इस बंद को समर्थन रहा। हालांकि, इन दलों का लोकसभा में कोई सांसद नहीं है।

सरकार विरोधी सात दल कांग्रेस के साथ नहीं : जो सरकार विरोधी बंद के समर्थन में नहीं हैं उनके लोकसभा में 125 सांसद हैं। इनमें अन्नाद्रमुक के 37, टीएमसी के 34, बीजद के 19, तेदपा के 16, टीआरएस के 11, वायएसआरसी और आप के 4-4 सांसद हैं। 


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