गाजियाबाद कहिन .......... श्लोक कुमार कहां तक बैठेंगे फिट ? Where Shlok Kumar will sit fit?




गाजियाबाद कहिन ..........   

श्लोक कुमार 
आकाश तोमर के जगह श्लोक कुमार नए एसपी सिटी बन कर आये है। आकाश तोमर 2013 बैच के आईपीएस है तो श्लोक कुमार 2014 बैच के। दोनों अभी यंग है। सिर्फ एक वर्ष का अनुभव आकाश तोमर के पास ज्यादा है, लेकिन गाजियाबाद के क्षितिज पर जिस तरह वे छाये रहे यह उनकी कार्यशैली का ही नतीजा है। अधिकारी आते और जोते रहते है, लेकिन कुछ ऐसे भी अधिकारी होते है जो अपना नाम और पहचान छोड़ जोते है। ऐसे अधिकारियों की जनता मिसाल देती है। वे वर्षो तक लोगों के दिमाग में अपना एक अमिट छाप छोड़ जाते है। आज भी लोग कोतवाल ब्रह्मचारी का नाम उदाहरण के तौर पर रख ही देते है। हालांकि जब गाजियाबाद में उनका जलवा रहा होगा तब मैं यहां नहीं आया था, यही कारण है कि उनका पूरा नाम नहीं लिख पाया, लेकिन बाद में भी उनका मिसाल लोगों द्वारा दिये जाने से मुझे लगा कि वे आम लोगों के नजरों में एक अलग अधिकारी के रूप में अपनी छवि बना लिये थे। ‘ बाबा आया बुल्डोजर लाया ’ किसे याद नहीं होगा । मेरे सामने की बात है कि बाबा हरदेव सिंह जैसे अधिकारी के लिये लोगों के आंखों में आंसू तक आ गये थे। उस दौरान मैं जनसत्ता में कार्यरत था। साहिबाबाद थानाप्रभारी ध्रुवलाल यादव बुरों के लिए यमराज और सज्जनों के लिए मसीहा। आज ठीक यही मुकाम गाजियाबाद में आकाश तोमर का है। मई 2017 में गाजियाबाद का चार्ज लेने के साथ ही वे लोगों के लिए 24 घंटे खड़ा रहने वाले अधिकारी बन गये। हर क्षेत्र, हर कार्य और हर व्यक्ति के लिए सुलभ उनकी कार्यशैली ने उन्हें यहां जनमानस में हीरो बना दिया। आज भी लोग चाय, पान और पार्को में नये एसपी सिटी और पूराने एसपी सिटी की तुलना कर रहे है। कल साहिबाबाद गांव में एक पान की दुकान पर इसी तरह की चर्चा ने मुझे आज इसे लिखने पर मजबूर किया। आकाश तोमर ने अपने कार्यकाल में सिटिजन वाॅलंटियर फोर्स को प्रदेश स्तर पर नाम दिला कर एक बहुत बड़ी उपलब्धी हासिल की है। कई ऐसे मामले आये जहां इनकी अहम भूमिका ने लोगों को इनके तरफ आकर्षित किया। नए एसपी सिटी श्लोक कुमार गाजियाबाद में किस तरह बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगा पायेंगे यह तो समय के साथ ही पता चल पायेगा, लेकिन क्या वे आकाश तोमर के तरह  आम जन के दिलों में जगह बना पायेगें ? हालांकि वे ट्रेनिंग के दोरान नोएडा में रह चुके है, ऐसे में वे गाजियाबाद को बहुत नजदीक से समझ गये होंगे। आज उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यहा की बढ़ती जनसंख्या और उसी अनुपात में बढ़ता यहां के अपराध का ग्राफ है। साथ ही कम होती खाकी वर्दी की डर को भी अपराधियों में कायम करना है। अभी दो ऐसे मामले सामने आये है जो गाजियाबाद पुलिस के लिए चर्चित  है।  हालांकि एक मामले में थाना लिंकरोड़ प्रभारी और महाराजपुर चैकी प्रभारी को एसएसपी ने लाईन हाजिर कर दिया है। दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कई धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज किया गया है। इसमें से एक गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन अभी दूसरा फरार चल रहा है। दूसरी घटना लोनी थाने में एक औरत द्वारा एक बैंक पर तैनात पुलिकर्मी की चप्पल से पीटाई का भी सामने आया है। ऐसे में खाकी की प्रतिष्ठा पर आंच न आये इसके लिए भी आला अधिकारियों को ध्यान रखना होगा। थाना इंदिरापुरम में चेन स्केंचिंग, लूट पर अंकुश लगाना भी आपका सबसे अहम रोल होगा। पुलिसकर्मियों पर आये दिन भ्रष्टाचार का आरोप आम बात है, यह भी आपके समक्ष एक चायलेंज ही होगा। युवा एसपी सिटी श्लोक कुमार का गाजियाबाद में भव्य स्वागत है।      



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