सिर्फ राहुल गांधी को ही नहीं, पूरे समाज को RSS से लड़ना चाहिए: खड़गे Not only Rahul Gandhi, entire society should fight RSS: Kharge



नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर लगातार हमले किए जाने का पुरजोर समर्थन करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि ‘मनुस्मृति के विचारों को लाने और संविधान बदलने का प्रयास कर रहे आरएसएस’ के खिलाफ सिर्फ कांग्रेस एवं गांधी को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को लड़ना चाहिए। खड़गे ने यह भी कहा कि यह धारणा एक तरह का ‘दुष्प्रचार’ है कि राहुल गांधी के आरएसएस पर हमला करने से हिंदू समाज के बीच ध्रुवीकरण होगा और कांग्रेस को नुकसान होगा। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ व्यापक गठबंधन की पैरवी की और कहा कि नेता का फैसला चुनाव के बाद होगा क्योंकि सभी विपक्षी दलों का मुख्य लक्ष्य भाजपा को हराना है। 
खड़गे ने आरएसएस की ओर से भविष्य में राहुल गांधी को आमंत्रित किए जाने संबंधी खबरों को ‘काल्पनिक बात’ करार दिया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संगठन के कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष के जाने का सवाल ही नहीं उठता। लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने कहा, ‘‘यह (आरएसएस का निमंत्रण) काल्पनिक सवाल है। आरएसएस के बारे में हमारे विचार स्पष्ट हैं। वैसे, राहुल जी के वहां जाने का सवाल ही नहीं है। यह (निमंत्रण) दुष्प्रचार चलाया जा रहा है।’’ 

राहुल गांधी द्वारा आरएसएस पर बार बार हमला किए जाने के बारे में पूछने पर खड़गे ने कहा, ‘‘इस देश में आरएसएस की विचारधारा समाज को बांट रही है। वे मनुस्मृति के विचारों को लाना चाहते हैं, वही तो संविधान को बदलना चाहते हैं। वही तो लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। अगर ऐसी विचारधारा से हमारी पार्टी और राहुल गांधी नहीं लड़ेंगे तो कौन लड़ेगा ?’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस संगठन से पूरे समाज को लड़ना चाहिए। जो भी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा रखते हैं, समानता की बात करते हैं, समावेशी विकास की बात करते हैं, मानवाधिकार की बात करते हैं, उन्हें एक होना चाहिए और यह कहना चाहिए कि इस संगठन से पूरे समाज को नुकसान हो रहा है।’’ 

इस सवाल पर कि क्या गांधी के हमलों से हिंदुओं का ध्रुवीकरण हो सकता है तो कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जो हिंदू समझते हैं कि सबको साथ लेकर चलना है वो ध्रुवीकरण की बात नहीं करेंगे। क्या 70 वर्षों से समाज एक साथ नहीं चला, क्या विकास नहीं हुआ? सब दुष्प्रचार किया जा रहा है। हम पहले से यह कहते (आरएसएस के बारे में) आ रहे हैं। यह नया नहीं है।’’ खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार में दलितों और अल्पंसख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है और आरएसएस के एजेंडे को लागू किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा, ‘‘दलितों और अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, एबीवीपी और भाजपा के विधायक एवं दूसरे नेता किसी न किसी तरह से अल्पसंख्यकों और दलितों को निशाना बना रहे हैं। ये लोग ऐसी बातें करते हैं जिससे माहौल खराब होता है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘कोई कहता है संविधान बदलो, कोई आरक्षण के खिलाफ बात करता है। इससे पता चलता है कि इनकी मंशा क्या है। भाजपा सरकार आरएसएस की विचारधारा वाले लोगों से भरी हुई है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आरएसएस वाले अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।’’ 
कांग्रेस पर समाज के कुछ वर्गों की ही बात करने के आरोप पर खड़गे ने कहा, ‘‘हम किसी के विरोधी नहीं हैं। हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं। लेकिन जो सबसे कमजोर हैं, जिनको मानवाधिकार से वंचित किया गया, शिक्षा से वंचित किया गया और जिनको सामाजिक न्याय नहीं मिल रहा है, उनको ऊपर लाने के लिए हमारी कोशिश रही है। कांग्रेस की यह नीति रही है और हमेशा रहेगी।’’ 

लोकपाल चयन समिति में ‘विशेष आमंत्रित सदस्य’ के तौर पर बुलाए जाने के कारण इसकी बैठक का कई बार बहिष्कार कर चुके खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोकपाल को लेकर गंभीर नहीं है और सिर्फ यह संदेश देना चाहती है कि विपक्ष लोकपाल कानून का क्रियान्वयन नहीं करना चाहता है। 

उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि लोकपाल अधिनियम में सुधार हो और सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को चयन समिति में पूर्ण सदस्य बनाया जाए। दरअसल, ये लोग लोकपाल को लेकर गंभीर नहीं है। वो सिर्फ यह दिखाना चाहते हैं कि विपक्ष लोकपाल अधिनियम का क्रियान्वयन नहीं चाहता है।‘‘ 


    



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