पेट्रोल एवं डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए: कुमारी शैलजा Petrol and diesel should be brought under the purview of GST: Kumari Selja



जयपुर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने रविवार को मांग की कि पेट्रोल तथा डीजल को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाया जाए ताकि महंगाई से त्रस्त आम जनता को कुछ राहत मिले। शैलजा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार द्वारा लगाए गए भारी करों के चलते पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे हैं । ऐसे में सरकार को इनके दाम कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री शैलजा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली राजग सरकार ने बीते 52 महीने में पेट्रोल एवं डीजल पर करों के जरिए 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाया है। उन्होंने कहा, ‘‘पेट्रोल-डीजल की कीमतें इतिहास में सबसे ऊंचे पायदान पर है और आम लोग, मध्यम वर्ग, किसान, ट्रांसपोर्टर, छोटे एवं मझौले व्यापारी महंगाई की मार झेल रहे हैं।' 

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने ईंधन कीमतों में वृद्धि के खिलाफ कल भारत बंद का आह्वान किया है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 16 मई 2014 को 107.09 डालर प्रति बैरल थे जो आज 73 डालर प्रति बैरल हैं। यह कीमत कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत कम है। 

शैलजा ने कहा, ‘‘दैनिक जरूरतों की वस्तुओं के बढ़ती कीमतों ने हर भारतीय का बजट बुरी तरह बिगाड़ दिया है। देश की जनता इस ‘ईंधन की लूट’ के लिए मोदी सरकार को कभी माफ नहीं करेगी और आम चुनावों में भाजपा को इसका जवाब मिलेगा।' 

उन्होंने कहा कि पार्टी ने 10 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है और यह पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने बार बार यह मांग रखी है कि पेट्रोल एवं डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए ताकि आम जनता को 10 से 15 रुपये प्रति लीटर की राहत मिल सके। शैलजा ने कहा कि भाजपा ने चुनावों के समय महंगाई कम करने के बड़े-बड़े दावे किए थे परन्तु राज में आने के बाद संवेदनहीनता दिखायी है और महंगाई बढ़ाकर जनता पर अप्रत्याशित आर्थिक बोझ डाला है।




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