वीवीआईपी क्लब में कवयित्री सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित Organized poetry conference and honors function at VVIP Club




  • सुप्रसिद्ध कवयित्री डाॅ. सीता सागर को दिया महादेवी सम्मान-2018
  • ‘मन के मनके’ पुस्तक का हुआ विमोचन, अनेक साहित्यकारों का हुआ सम्मान


गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  अखिल भारतीय साहित्य परिषद् गाजियाबाद की ओर से राजनगर एक्सटेंशन स्थित वीवीआईपी एड्रेसेज क्लब में आयोजित पुस्तक विमोचन, सम्मान समारोह और कवयित्री सम्मेलन शानदार रहा। सुप्रसिद्ध कवयित्री डाॅ. सीता सागर को संस्था की ओर से ‘महादेवी सम्मान-2018’ प्रदान किया गया। डाॅ. अलका अग्रवाल की नवीनतम पुस्तक ‘मन के मनके’ का विमोचन आमंत्रित अतिथियों ने किया तो मंचस्थ कवयित्रियों ने बिना चुटकुलों-चुहलबाजियों के अपने रचना पाठ से कार्यक्रम को ऐतिहासिक ऊंचाइयां दीं। लगभग चार घंटे चले इस कार्यक्रम में श्रोता अधिक संख्या में मौजूद रहे। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वीवीआईपी के मुख्य प्रबंध निदेशक प्रवीण त्यागी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम देखने-सुनने का मौका कम ही मिलता है। उनके क्लब में इस कार्यक्रम ने एक इतिहास रचा है। इसका सिलसिला अनवरत जारी रहेगा। अतिथियों में मेवाड़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डाॅ. अशोक कुमार गदिया, आइडियल इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन डाॅ. अतुल जैन, सुपरिचित कवि व वीवीआईपी के पार्टनर डाॅ. दुष्यंत त्यागी, वीवीआईपी अपार्टमेंट आॅनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर त्यागी, अखिल भारतीय साहित्य परिषद् मेरठ प्रांत के अध्यक्ष देवेन्द्र देव मिर्जापुरी, स्वागताध्यक्ष अमित गर्ग, सोशल एक्टीविस्ट निशा मौर्य आदि मौजूद थे। सभी को संस्था की ओर से शाॅल, स्मृति चिह्न, गुलदस्ते, मुकुट आदि भेंटकर सम्मानित किया गया। डाॅ. सीता सागर को सम्मान पत्र, श्रीफल, मुकुट, उपहार, शाॅल, गुलदस्ते, नकद धनराशि देकर महादेवी सम्मान-2018 से सम्मानित किया गया। देवेन्द्र देव मिर्जापुरी को उत्तर प्रदेश सरकार के उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान ने जय शंकर प्रसाद सम्मान देने की घोषणा की है। इसी खुशी में उन्हें कार्यक्रम में सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न, शाॅल व गुलदस्ते देकर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। 

कवयित्री सम्मेलन में डाॅ. सीता सागर के गीतों और मुक्तकों ने खूब समां बांधा। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सीता सागर को श्रोताओं ने जी भरकर सुना। सीता सागर ने सबकी फरमाईश पर अपने यादगार और प्रसिद्ध गीत व मुक्तकों की झड़ी लगा दी। सीता सागर के अलावा कवयित्री सम्मेलन में अंजु जैन, इंदु शर्मा, डाॅ. तारा गुप्ता, भावना तिवारी, वंदना कुंअर रायजादा, ममता लड़ीवाल, डाॅ. वीणा मित्तल, मीरा शलभ, कल्पना कौशिक, क्षमा शर्मा, डाॅ. राखी अग्रवाल एवं नीरजा चतुर्वेदी ने एक से बढ़कर एक कविताएं, गीत, दोहे, मुक्तक, गजलें सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया। 

स्वागत सत्र का संचालन अखिल भारतीय साहित्य परिषद् गाजियाबाद के सचिव चेतन आनंद और कवयित्री सम्मेलन का संचालन नीरजा चतुर्वेदी ने किया। अध्यक्षता परिषद् की अध्यक्ष मीरा शलभ ने की। संस्था के संरक्षक महेश आहूजा ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्था के मुख्य संरक्षक अशोक श्रीवास्तव, बीएल बत्रा अमित्र, अनूप पांडेय, गिरीश सारस्वत, मधुबाला श्रीवास्तव, चरण शंकर प्रसून, डाॅ. आरती बंसल, अनिमेष शर्मा, भूपेन्द्र त्यागी, प्रदीप पुष्पेन्द्र, दीपक त्यागी आदि की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। 


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