11 साल बाद कांस्टेबल इकरार की हत्या का खुलासा, 2 गिरफ्तार 11 years after the murder of Constable Ikarar, 2 arrested



गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  थाना कविनगर से 11 वर्ष पूर्व पुलिस कांस्टेबल इकरार गायब हो गया था। इस मामले में थाने कविनगर थाने में  23 अर्पैल 2007 को इसरार अली द्वारा अपने भाई इकरारए जो पुलिस लाईन गाजियाबाद में बतौर कान्सटेबल तैनात था कि गुमशुदगी दर्ज करायी गयी थी । इसरार अली द्वारा दर्ज करायी गयी गुमशुदगी से पूर्व ही दिनांक 19 अर्पैल 2007 को इकरार की गैर हाजिरी अंकित की जा चुकी थी क्योकि चुनाव डयूटी के पश्चात उक्त कांस्टेबल की वापसी पुलिस लाईन गाजियाबाद में नही हुई थी। 
बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि  रिपोर्ट के पश्चात थाना कविनगर द्वारा वृहत स्तर पर जाँच की गयी तथा गुमशुदा कांस्टेबल को खोजने का डी0सी0आर0बी0 व अन्य माध्यम से प्रयास किया गया । इस सम्बन्ध में गुमशुदा कांस्टेबल के परिवारजन द्वारा भी कोई अभियोग पंजीकृत नही कराया गया । तत्कालीन समय में वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा गुमशुदा कांस्टेबल  की तलाश हेतु अनेक टीमें गठित की गयी थी किन्तु इसका कोई सकारात्मक परिणाम सामने नही आया तथा पुलिस द्वारा इस सम्बन्ध में लगातार गुमशुदा कांस्टेबल का बरामदगी हेतु प्रयास किया जाता रहा किन्तु कोई ठोस सफलता नही मिली। 
इस घटना मे कार्यवाही करते हुए क्राइम ब्रांच पुलिस ने  7 सितम्बर 2018 को गाजियाबाद पुराना बस अडडा से  2 शातिर अभियुक्तो को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है जिनके कब्जे से  मृतक ;इकरारद्ध के हाथ की टाइटन घडीए तथा एक आई फोन मोबाइल जो मुकदमा अपराध संख्या 971ध्17 धारा 379 भादवि थाना सिहानीगेट से सम्बन्धित है  एव एक  तमंचा 315 बोर व 2 अदद जिन्दा कारतूस बरामद हुए है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में  राजवीर पुत्र सईराम निवासी बझेड़ा थाना धौलाना जिला हापुड़ तथा  मेघू उर्फ विजय पुत्र रामकुमार निवासी देहरा थाना धौलाना जिला हापुड़ हैं।
पकड़ा गया हत्यारा  मेघू ने पूछताछ पर बताया कि जो घड़ी उसने अपनी कलाई में पहन रखी है वह कांस्टेबल इकरार की हैए  सन 2007 मे मैने व मेरे अन्य भाई पवन उर्फ पवनू ए नीटू ए सुबोध व मामा प्रकाश ने कांस्टेबल इकरार व विजयपालए जो पुलिस की मुखबरी करता थाए की हत्या धारदार हथियारो से कर दी थी और दोनो के शरीर के टुकड़े करके बोरे में भर छोलस थाना जारचा के जंगल में बहते हुये नाले में डाल दिया था। कांस्टेबल इकरार ;मृतकद्ध की घड़ी व अन्य कीमती सामान अभियुक्तगण ने अपने पास रख लिया था ।
मृतक कांस्टेबल इकरार की हत्या का कारण .  अभियुक्त मेघू से कांस्टेबल इकरार की हत्या के सम्बन्ध में जब सख्ती से पूछताछ की गयी तो कांस्टेबल की हत्या का कारण विजयपाल की पुलिस की मुखबिरी निकली । विजयपाल पुलिस का मुखबिर था लेकिन साथ ही अभियुक्तगण से भी अवैध कार्यो के पैसा लेता था । विजयपाल का पैसे का लेन देन को लेकर विवाद हुआ तो विजयए कांस्टेबल इकरार को अपने साथ लेकर गया था ताकि वह अभियुक्तगण को गिरफ्तार करवा सके। छौलस थाना जारचा क्षेत्र में  इकरार ने विजयपाल के साथ अभियुक्तगणो को पकड़ने का प्रयास किया । इस दौरान पॉचो अभियुक्तगणो ने मिलकर चापड़ व अन्य धारदार हथियार से दोनो की हत्या कर दी । हत्या के पश्चात अभियुक्तगण छौलस जारचा से अपना डेरा उठाकर पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेशए इलाहाबादए शाहजहापुरए बरेलीए लखनऊ आदि जगहो पर चोरी का काम करने लगे तथा वर्तमान समय में एटा व देहरा ;धौलानाद्ध  में डेरा डाल कर चोरी आदि घटनाओ को अंजाम देते थे। अभी वर्तमान में पवन और सुबोध अन्य चोरी की घटनाओ में डासना जेल में बन्द है। 
अभियुक्त मेघू ने यह भी बताया कि वर्ष 2010 में हम अभियुक्तगणो ने एक चोरी की थी जिसमें काफी कीमती सामान मिला था जिसके बटवारे को लेकर पवन उर्फ पवनू का मामा प्रकाश से काफी झगड़ा हो गया था जिसके पश्चात पवन उर्फ पवनू ने गोली मारकर मामा प्रकाश की हत्या कर दी थी । इस सम्बन्ध में थाना जारचा पर  हत्या का अभियोग पंजीकृत कराया गया था तथा इसमें पवन उर्फ पवनू व मेघू गिरफ्तारी के पश्चात जेल भी गये थे 
कान्स0 मृतक इकरार की हत्या में गिरफ्तार अभि0 मेघू के अतिरिक्त पवन उर्फ पवनूए सुबोधए नीटू व मामा प्रकाश भी थे। अभि0 पवन उर्फ पवनू व सुबोध वर्तमान में अन्य घटनाओ में गिरफ्तार होकर डासना जेल में बन्द है। अभि0 मामा प्रकाश की हत्या हो चुकी है तथा अभि0 नीटू के बारे में जानकारी की जा रही है। उक्त अभियुक्तगणो के अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी की जा रही है। 



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