मेरा लक्ष्य ससुर के अधूरे कार्य को पूरा करना है - मनोरमा देवी My goal is to complete the unfinished work of father-in-law - Manorama Devi


                                       साक्षात्कार 


बिपिन राय 

फुलवरिया । चमारीपट्टी पंचायत से मुखिया प्रत्याशी मनोरमा देवी का कहना है कि ससुर के अधूरे कार्य को पूरा करना मेरा पहला लक्ष्य है। पंचायत की गरीब जनता के लिए आनेवाले फंड को उसके पास तक पहुंचाऊंगी। चमारीपट्टी पंचायत में 3 नंबम्बर को मतदान है। सभी प्रत्याशी अपने स्तर पर मतदाताओं को अपने प़क्ष में करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में सभी प्रत्याशी पंचायत के सभी गांवों का दौरा कर मतदाताओं को रीझाने में लगे है। इसी व्यस्तता के बीच मुखिया प्रत्याशी मनोरमा देवी से वरिष्ठ पत्रकार बिपिन राय ने बातचीत की जिसके मुख्य अंश - 




प्रश्न - आप चमारीपट्टी पंचायत से मुखिया पद की उम्मीदवार हैं, क्षेत्र का भ्रमण भी कर रही है आपको क्या लग रहा है चुनाव में ।
 
उत्तर:- चुनाव में हमको यही लग रहा है कि जनता हमारे साथ है। अभी आ रही हूं दौरा कर के। जनता हमारे साथ है। घर - घर से यही आवाज आ रही है कि अबकी बार मुखिया बनेगी तो पूर्व मुखिया कृष्ण कुमार ओझा की पुत्रबधु मनोरमा देवी बनेगी। 

प्रश्न - आज आप कौन - कौन से गांव का दौरा की है?

उत्तर - हम तो पूरे तेरहो गांव की दौरा कर के अभी आ रही हूं। 

प्रश्न - किन मुद्दों को लेकर आप जनता के बीच में जा रही हैं?

उत्तर - हमारा मुद्दा यही है जिसे मैं फुलवरिया प्रखंण्ड में भी बोली हूं कि जो गरीब जनता का फंड आ रहा है, जो उसका अधिकार है वह उसके पास तक नहीं पहुंचता है, उसे उसके पास तक पहुंचाना है। हमारे ससुर जी भी यही किये हैं और हमें भी यही करना है। गांव - गांव में जा रही हूं तो महिलायें कह रही है कि यह छत बाबा ने दिया है। हमारा प्रयास यही रहेगा कि जो बाबा ने किया है हमें उनसे ज्यादा करना है। युवा वर्ग के शिक्षा के लिए भी हमें प्रयास करना है।



 
प्रश्न - उनके कार्यकाल की कोई ऐसी योजना बताइये जिसके लिए लोग आज भी उन्हें याद करते हैं?
 
उत्तर - हां - हां, यही योजना है । हमारे ससुर जी ने तो पंचायत में 28 शिक्षक बनाये है जो उनके कलम से बने हैं। कालोनी की तो हम गिनती ही नहीं कर सकते जो उन्होंने बनवाये हैं। गांव - गांव में जा रहे हैं तो जनता कह रही हैं कि बाबा के दिये छत में ही हम रह रहे हैं। कई मां, कई बहने कह रही हैं कि उन्हीं के कलम से हम खा रहे हैं,ैं जी रहे हैं। 

प्रश्नक्या आप उन्हीं के पदचिन्हों पर चलेगी उनके अधूरे काम को पूरा करेंगी ?

उत्तर - हां - हां, मैं जनता से वादा कर रही हूं कि जब 3 तारीख को वोट खत्म हो जायेगा और मतगणना के बाद मैं जीत जाऊंगी तो जीतने के दूसरे दिन से ही हमारा पंचायत दौरा शुरू हो जायेगा। गरीब जनता के लिए सरकार से लड़कर फंड लाऊंगी और उसे गरीब जनता तक पहुंचाऊंगी। हमारा यही मुद्दा है कि गरीब का दुख दूर करना है। मुझे हंड्रैड प्रसेंट विश्वास है कि मैं मुखिया बनने जा रही हूं। चमारीपट्टी पंचायत की जनता हमें मुखिया बना दी है। इस बार कि मुखिया मनोरमा देवी - मनोरमा देवी। 

प्रश्न - आप महिला है, आपके पास महिलाओं के लिए कोई योजना है?

उत्तर - हां - हा ! एक दम है । महिलाओं को प्राथमिकता जरूर दूंगी। आप देखना महिलाओं को सबसे ज्यादा महत्व दिया जायेगा। ं



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