पंचायत का विकास ही मेरा पहला उदेश्य: रीमा देवी Development of Panchayat is my first objective: Reema Devi


                                       साक्षात्कार 


बिपिन राय 

फुंलवरियापंचायत राज चमारीपट्टी के मुखिया प्रत्याशी रीमा देवी का कहना है कि पहले भी मेरे पति द्वारा पंचायत का विकास किया गया है और इस बार चुनाव जीत कर पुनः पंचायत का विकास करना ही मेरा पहला उदेश्य होगा। मुखिया प्रत्याशी रीमा देवी के पति  मुन्नी जी तिवारी इससे पहले भी एक बार मुखिया रह चुके हैं। इस पंचायत में त्रिकोणीय मुकाबले का आसार बना हुआ है। सभी प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। चुनावी भागमभाग और व्यस्तताओं के बीच मुखिया प्रत्याशी रीमा देवी और उनके पति पूर्व मुखिया  मुन्नी जी तिवारी से वरिष्ठ पत्रकार बिपिन राय से हुई बातचीत के मुख्य अंश - 




प्रश्न - आपका नाम व परिचय ?

उत्तर:- मेरा नाम रीमा देवी है। मैं चमारीपट्टी पंचायत से मुखिया प्रत्याशी हूं।

प्रश्न:- किन मुद्दों को लेकर आप चुनाव में जा रही हैं ?

उत्तर:- मेरा सबसे पहला उदेश्य पंचायत का विकास करना है। मेरे पति इससे पहले एक बार मुखिया रह चुके हैं। उन्होंने पंचायत के विकास के लिए जो कार्य किया उसी के बदौलत आज पंचायत के लोग मेरे साथ है। पंचायत की जनता मेरी मदद कर रही है। लोगों का साथ और विश्वास से ही इस बार भी चुनाव मैं जीतूंगी। 

प्रश्न:- आप पंचायत में लोगों से मिल रही हैं। लोगों का आपके प्रति कैसा व्यवहार है। 

उत्तर - मैं पंचायत में घूम रही हूं। मेरे पंचायत की जनता मेरे साथ है और मेरा मदद कर रही है। क्षेत्र की जनता मुझे मुखिया बनाना चाहती है। 




मुखिया प्रत्याशी रीमा देवी के पति पूर्व मुखिया मुन्नी जी तिवारी का वार्तालाप - 

प्रश्न:- आप इससे पूर्व जब मुखिया रहे तब पंचायत में आपके द्वारा किया गया  कोई ऐसा कार्य बताये जिसका आज भी सराहना किया जाता हो ।
 
उत्तर:- मै 2011 से 16 तक मुखिया रहा हूं और हर जनता के हृदय में बसा हूं । अपने कार्यकाल में अधिक से अधिक गरीब लोगों का आर्थीक मदद किया हूं और रोजगार देने का कार्य किया हूं। इस बार भी मेरा यही उदेश्य है कि ज्यादा लोगों का आर्थीक मदद और सहायता करूंगा। 

प्रश्न:- अपने कार्यकाल के दौरान कोई ऐसी योजना बताये जिसके कारण आज भी आपकी जनता सराहना करती हो, जो लोगों के दिल में हो  और जिसके चलते लोगा आज भी आपको याद करते हो ।  

उत्तर:- सरकार की मनरेगा योजना के तहत 300 मजदूर लोगों को मैंने रोजगार दिया था । लगभग 36 हजार का आर्थीक मदद इसके माध्यम से लोगों को दिया गया। इस कार्य से लोग आज भी खुश हैं और पुनः लोग मुझे मुखिया बनाना चाहते हैं। 

प्रश्न:- इस बार जीत के प्रति आपको कितना विश्वास है ? 

उत्तर - हमारा जीत तो सुनिश्चित है। 100 प्रतिशत मुझे विश्वास है कि जनता हमें चाहती है। कुछ समय के लिए जनता भ्रमित हो गई थी, लेकिन इस बार लोगों को मेरे कार्य और मेरे प्रति विश्वास ही मेरा जीत पक्का कर रहा है। इस मुद्दे पर उन्होंने क्षेत्र की जनता के लिए एक कविता भी सुनाया - 

बनावटी आंसू में न बह जाना है, 
परखे हैं हमें फिर अपना मुखिया बनाना है। 
जहां इज्जत न मिले वहां फिर क्यों जाना हैं, 
मैं चरित्रहीन नहीं चरित्रवान हूं । 
मुझे अपना मुखिया बनाना है।  



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