‘ चैरी चैरा शताब्दी महोत्सव ’ के आयोजन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी Guidelines issued regarding organizing 'Chari Chara Shatabdi Festival'




  • प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 04 फरवरी, 2021 से 04 फरवरी, 2022 की अवधि में चलाया जायेगा ‘चैरी चैरा शताब्दी महोत्सव’ 

  • दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करायें अधिकारी

  • कार्यक्रम में कोविड प्रोटोकाॅल एवं इस सम्बन्ध में निर्गत दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाये

                                                                  प्रमुख संवाददाता 





गाजियाबाद। लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 04 फरवरी, 2021 से 04 फरवरी, 2022 की अवधि में ‘चैरी चैरा शताब्दी महोत्सव’ का आयोजन पूरे प्रदेश में किये जाने का निर्णय लिया गया है। महोत्सव के आयोजन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश समस्त विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्गत किये गये हैं। 
उक्त जानकारी देते हुये मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि  ‘चैरी-चैरा शताब्दी महोत्सव’ की राज्य स्तरीय आयोजन समिति द्वारा अनुमोदित तथा लोकार्पित प्रतीक चिन्ह (स्वहव) का प्रयोग समस्त सरकारी पत्राचारों, प्रकाशनों, स्टेशनरी एवं वर्ष भर आयोजित होने वाले समस्त आयोजनों में अनिवार्य रूप से किया जायेगा। दिनांक 04 फरवरी, 2021 को सम्पूर्ण प्रदेश में विभिन्न ग्रामोंध्विद्यालयोंध्स्थलों से प्रातः 08.30 बजे से प्रभातफेरी प्रारम्भ कर चैरी-चैरा (गोरखपुर) सहित अपने जनपदों में स्थित समस्त प्रमुख शहीद स्मारक स्थलों पर प्रातः 10.00 बजे तक पहुंचेगी। इस प्रभातफेरी में एन0एस0एस0, एन0सी0सी0, सिविल डिफेन्स, स्काउट गाइड, समाजसेवीध्स्वयंसेवी संस्थाओं आदि के वालेण्टियर्स को सम्मिलित किया जाये, जिन्हें प्रभात फेरी के स्लोगन पूर्व में ही उपलब्ध करा दिये जायें तथा उसका अभ्यास करा दिया जाये। प्रभात फेरी में चलने वाले बैनर भी पूर्व में तैयार करा लिये जायें। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उल्लेखनीय कथनों को प्ले कार्ड के रूप में बनाकर पूर्व में ही वालेण्टियर्स को उपलब्ध करा दिये जायें। स्मारक स्थल पर बैठक व्यवस्था अत्यन्त सुरुचिपूर्ण ढंग से की जाये तथा उतने ही बच्चों को प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया जाये जितनी बैठने की व्यवस्था की जा सके। कार्यक्रम स्थल पर बच्चों हेतु पानी तथा जलपान का प्रबन्ध किया जाये तथा कोविड-19 के अनुपालन हेतु जारी शासनादेशों के अनुपालन हेतु किसी उत्तरदायी अधिकारी को नोडल अधिकारी भी नामित करते हुए मास्क एवं सेनिटाइजर की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में की जाये। 
उन्होंने बताया कि पूर्वान्ह 10.00 बजे वन्दे मातरम् का गायन चैरी-चैरा (गोरखपुर) सहित प्रदेश के सभी स्वतंत्रता संग्राम स्थलोंध्शहीद स्मारकों, शैक्षणिक संस्थानों में समवेत् रूप में विद्यार्थियों, कलाकारों, आमजनों द्वारा किया जायेगा। इसकी पर्याप्त रिहर्सल भी पूर्व में ही करा ली जाय। पूर्वान्ह 10.15 बजे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जायेगा। दिनांक 04 फरवरी, 2021 को चैरी-चैरा स्मारक स्थल तथा प्रदेश के सभी जनपदों में स्वतंत्रता संग्राम स्थलों, शहीद स्मारकों, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य स्थलों पर पर सायं 5.30-6.00 बजे तक पुलिस बैण्ड द्वारा राष्ट्रधुन बजायी जायेगी। सायं 6.30 बजे से दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम किया जायेगा।

समस्त शहीद स्मारकों पर माननीय मंत्रीगण, माननीय सांसदगण, माननीय विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि एवं शहीदोंध् स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजन को इस अवसर पर प्रातः 09.30 बजे उपस्थित रहने हेतु आमंत्रित कर लिया जाय। पूर्वान्ह 11.00 बजे माननीय प्रधानमंत्री जी चैरी-चैरा शताब्दी समारोह का शुभारम्भ करेंगे। इसके अन्तर्गत ‘चैरी-चैरा थीम सांग’ पर प्रस्तुति चैरी-चैरा पर आधारित डाक टिकट का विमोचन, माननीय मुख्यमंत्री जी का उद्बोधन एवं माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्चुअल माध्यम से आशीर्वचन दिया जायेगा। समस्त जनपदों के शहीद स्थलों एवं शैक्षणिक संस्थानों पर इसके सजीव प्रसारण की व्यवस्था की जायेगी। इसके लिए सूचना विभाग द्वारा समुचित तैयारियां की जायेंगी।

इसके अतिरिक्त चैरी-चैरा शताब्दी समारोह के पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता को एक अभियान के रूप में संचालित किया जाये। समस्त नगरीय क्षेत्रों में नगर विकास विभाग द्वारा तथा समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से जिला प्रशासन से समन्वय करते हुए सभी महत्वपूर्ण शहीद स्मारकों, शहीद स्थलों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई की जाये तथा जहाँ तक सम्भव हो सके शहीदों की नाम पटिट्का तथा स्मारक आदि के सामने साइन बोर्ड भी लगाये जायें। सभी जनपदों के महत्वपूर्ण शहीद स्मारकों, शहीद स्थलों, शहीद ग्रामों में सम्बन्धित घटना तथा सम्बन्धित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों पर आधारित गोष्ठियां एवं कवि सम्मेलन आदि कराये जायें। कवि सम्मेलनों में स्थानीय कवियों को अवश्य आमंत्रित किया जाये।
चैरी-चैरा शताब्दी समारोह कैलेण्डर द्वारा वर्ष भर स्वतंत्रता संग्राम तथा देशभक्ति पर आधारित महत्वपूर्ण तिथियों पर कार्यक्रमों का निर्धारण किया जाये। जिस स्थल अथवा जिस जनपद में उक्त से संबंधित महत्वपूर्ण घटना अथवा तिथि हो वहाँ मुख्य कार्यक्रम किये जायें जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, कृषि शिक्षा सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय से उद्देश्यपरक आयोजन करें। प्रदेश के सभी जनपदों के शहीद स्थलो, स्मारकों पर गृह विभाग द्वारा पुष्पांजलि तथा राष्ट्रधुन वादन आदि के कार्यकम भी किये जायें। वर्ष 1857-1947 तक की अनेक घटनाएं जनश्रुतियों तथा वाचिक परम्परा में विद्यमान हैं जिन पर विशिष्ट शोध कार्य की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा विभाग ऐसे अन्वेषक शोधार्थियों को चयनित कर समस्त ज्ञात व अज्ञात शहीदों तथा घटनाओं पर शोध कार्य करायें तथा वाचिक परम्परा के माध्यम से प्रचलित घटनाओं को लेखनीबद्ध किया जाये।
शिक्षा से जुड़े विभागों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी हेतु विशेष प्रयास किये जायें। सरकारी विभागों के साथ-साथ विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, निजी प्रकाशकों के माध्यम से भी पुस्तक प्रदर्शनी एवं बिकी के कार्य किये जायें। चैरी-चैरा की घटना तथा अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से संबंधित अभिलेखों का डिजिटल संस्करण सूचना, भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा तैयार कराया जाये। उत्कृष्ट एवं आधुनिक तकनीक पर आधारित ध्वनि-प्रकाश कार्यक्रम प्रदेश के महत्वपूर्ण शहीद स्मारकोंध्स्थलों में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किये जाने के प्रयास किये जायें। 
विद्यार्थियों के मध्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किये जायें। जनपद स्तर पर, मण्डल स्तर पर एवं राज्य स्तर पर ऐसी प्रतियोगिताएं योजनाबद्ध रूप से संचालित की जायें। सभी शैक्षणिक संस्थाएं, संस्कृति, पर्यटन, सूचना एवं भाषा विभाग ऐसी योजनाओं की कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करे। शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थियों हेतु दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाये। 
चैरी-चैरा शताब्दी समारोह की कार्ययोजना बनाये जाने हेतु जनपद स्तर में स्थित महत्वपूर्ण शहीद स्थल, स्वतंत्रता संग्राम स्थल/स्वतंत्रता संग्राम स्मारक तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व शहीदों की जानकारी निर्धारित प्रारूप पर सम्बंधित जनपद के जिलाधिकारियों द्वारा संस्कृति विभाग को उपलब्ध करा दी जाये। सभी जिलाधिकारियों द्वारा अपने जिले का स्वतंत्रता संग्राम कैलेण्डर महत्वपूर्ण तिथियों के आधार पर बनाया जाये, जिसे संस्कृति विभाग द्वारा वार्षिक कैलेण्डर के रूप में बनाकर पूरे वर्ष आयोजन संचालित किये जाने का कार्य कराया जाये। गोरखपुर में स्वतंत्रता संग्राम स्थलों-शहीद बन्धु सिंह स्मारक, गोरखपुर जेल, डोहरिया कला में भी 04 फरवरी, 2021 को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। चैरी-चैरा में दिनांक 04 एवं 05 फरवरी, 2021 को कार्यक्रम किये जाये। 
इसके अलावा पं0 दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय व अन्य विश्वविद्यालयों के ललित कला संकाय तथा ललित कला अकादमी द्वारा विद्यार्थियों एवं कलाकारों की चित्रकला प्रतियोगिताध्शिविर का आयोजन किया जाये। विजयी कलाकारों एवं विद्यार्थियों को दिनांक 05 फरवरी, 2021 को सम्मानित किया जाये। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के ललित कला सकायों तथा संस्कृति विभाग, उ0प्र0 के ललित कला अकादमी द्वारा वृहद कैनवास पर स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं एवं शहीद गाथाओं पर आधारित वर्ष 1857 से अब तक की स्वाधीनता गौरव गाथा का विशद चित्रांकन किया जाये।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव तथा समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों से इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए, प्रस्तावित आयोजनध्कार्यक्रमों को पूर्ण रूप से सफल बनाने की अपेक्षा की है।




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