किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर किया अपनी शक्ति का प्रदर्शन Farmers demonstrated their power by taking out tractor marches



                                                          सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो  

                                            ट्रेक्टर रैली का ने़त्व करते राकेश टिकैत।


साहिबाबाद । नए कृषि कानूनों के विरोध किसानों ने बृहस्पतिवार की सुबह दिल्ली यूपी की सीमा यूपी गेट से एक विशाल  ट्रेक्टर मार्च निकाला। एक 7 सदस्य संचालन समिति के नेतृत्व में यह ट्रैक्टर मार्च निकाला गया जिसमें बड़ी संख्या में किसान अपने अपने ट्रेक्टरों के साथ शामिल हुए। किसानों के ट्रेक्टर मार्च को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पूरी तरह सतर्क रहे।
        
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा पारित नए कृषि कानूनों के विरोध  विभिन्न किसान संगठनों के नेत्रृत्व में भारी संख्या किसान पिछले 43 दिनों से यूपी गेट के पर धरनारत हैं तथा  दिल्ली के विभिन्न बोर्डरों पर भी आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और किसानों के बीच पिछले सात दौर वार्ता विफल होने के बाद कल आठवें दौर की वार्ता होनी है इससे पहले किसानों ने ट्रैक्टर मार्च के द्वारा अपनी शक्ति सरकार को दिखाने के लिए आज का यह आयोजन किया है।  जिसके चलते आज यूपी गेट से किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला। यूपी गेट धरना स्थल से किसानों का ट्रेक्टर मार्च सुबह 9 बजे प्रारम्भ हुआ। ट्रेक्टर मार्च में लगभग 120 ट्रेक्टर ,17 कार और भारी संख्या में मोटर साइकिल सहित लगभग 500 से अधिक किसान शामिल हुए। इस दौरान ट्रैक्टर मार्च को सफल बनाने के लिए किसानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी किसान ओवरटेक नहीं करेगा एक दूसरे को तथा स्टंट नहीं दिखाएगा सभी ट्रैक्टर चालकों को इस संबंध में बनाई गई 7 सदस्य समिति का के निर्देशों का पालन करना पड़ेगा। इस सात सदस्यीय कमेटी में किसान गुरदयाल सिंह, जितेंद्र सिंह, जगजीत सिंह, गुरु लाल सिंह, नवाब सिंह, गुरु प्रताप सिंह तथा अवतार सिंह हैं। इस कमेटी ने ट्रेक्टर रैली में शामिल ट्रेक्टरों सहित सभी वाहनों को आईडी नम्बर भी दिए गए हैं।
             
ट्रैक्टर मार्च के रवाना होने से पहले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपने हकों की लड़ाई लड़ रहा है। और सरकार को आज नही तो कल किसानों की मांगों को मानना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार नए कृषि कानूनों वापिस नही लेगी तब तक किसानों की घर वापसी नही होगी।




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