सत्य व साहस की प्रतिमूर्ति बहनजी By सिकंदर यादव Respect for truth and courage, Behenji










सिकंदर यादव

विश्व
की पांच सबसे प्रभावशाली महिलाओं में से एक बहनजी, भारत की सबसे शक्तिशाली महिला नेत्री के रूप में अपनी जगह बनाने वाली बहन जी का अपना जीवन संघर्षपूर्ण व चुनौतियों से भरा रहा है, बहन जी को यदि दो वाक्य में समझना हो तो वो है सत्य व साहस, इन दोनों गुणों के आधार पर बहनजी के व्यक्तित्व की व्याख्या की जा सकती है, अपने चार बार के शासनकाल में ऐसे कई उदाहरण, जब बहनजी के प्रशासनिक अधिकारियों को हैंडल करने की क्षमता के कायल उनके विरोधी भी रहे.

भारतीय मीडिया बहनजी को मुख्यत: दलित नेता के रूप में प्रचारित करता है परंतु वास्तव में उनके कार्यकाल का विश्लेषण किया जाए तो वो ``बहुजन सुखाय बहुजन हिताय`` पर आधारित हैं क्योंकि वो वंचित समाज से आती हैं और इस देश के करोड़ों वंचित शोषित लोग उन्हें अपने प्रतिनिधि के तौर पर देखता है इसलिए उनकी प्राथमिकता में वो शामिल हैं, लेकिन बहनजी ने अपने शासनकाल में कभी अन्याय का पक्ष नहीं लिया, उनके मंत्री या विधायक पर कभी आरोप भी लगा तो उन्होंने इस्तीफा दिलाकर अपने घर से गिरफ्तार कराया, किसी जिले में यदि कोई कोताही बरती गई तो कई बार जिले डीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दंडित किया, विकास की जब बात आती है तो यमुना एक्सप्रेस से लेकर वर्तमान में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस का भी प्रस्ताव बहनजी ने किया था, उत्तर प्रदेश को चार छोटे राज्यों में बदलने का प्रस्ताव भी बहनजी ने ही किया था, गरीबों के लिए काशीराम आवास से लेकर अंबेडकर गावों का विकास व नोएडा, लखनऊ में भारत के बहुजन समाज के महापुरुषों का स्मरण दिलाते स्मारकों का निर्माण भी बहनजी के कार्यकाल में ही हुआ.

बहनजी के बारे में पुस्तक लिखने वाले पत्रकार अजय बॉस ने एक घटना का जिक्र किया है जब बहनजी बहुत छोटी थी तो हापुड़ के पास एक गांव में अपने रिश्तेदार के यहां गई हुई थी वहां पर एक भेड़िया की दहशत फैली हुई थी जिसके कारण गांव वाले अपने खेतों में जाने से डरते थे परंतु बहनजी बिना डरे एक बच्चे की जान भेड़िए से भिड़ कर बचाई, जोकि उनके अदम्य साहस को प्रकट करता है.

दूसरा प्रमुख गुण है सत्य पर दृढ़ रहना, बहनजी को नजदीक से जानने वाले लोग बताते हैं कि बहनजी को झूठ से नफरत है, वो खुद कोई वचन एक बार दे देती हैं तो उस पर अमल करती हैं, शायद यही वजह है कि अनेकों बार ऐसा हुआ कि सत्ता के लालच में विधायक व अन्य लोग पार्टी को तोड़कर गये, लोगों को लगा कि बसपा समाप्त हो गई परंतु हर बार पहले से भी ताकतवर बनकर बहनजी वापस आयी फिनिक्स पक्षी की तरह, क्योंकि जो लोग मिशन मूवमेंट को जानते हैं उन्हें पता है कि बसपा सिर्फ एक पार्टी नहीं वरन एक विचारधारा है, जो इस देश के 90 फ़ीसदी वंचित, शोषित, पिछड़ों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है, 2021-22 में बहनजी का एक नया व प्रभावी रूप उत्तर प्रदेश में व भारत में देखने को मिलेगा। 

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