विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के घर का किया गया घेराव MLA Akhilesh Pati Tripathi's house laid siege



  • मॉडल टाउन में 17 साल की लड़की की मौत की घटना पर गुडमंडी में रैली कर केवाईएस और अन्य संगठनों ने चलाया जागरूकता अभियान

  • पुलिस द्वारा जांच में टाल-मटोल व अभी तक हत्या और बलात्कार की धाराओं के तहत मामला न दर्ज करने की केवाईएस करता है कड़ी भर्त्सना

                                                          सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 




नई दिल्ली। गुडमंडी निवासी 17 साल की लड़की की मौत के संबंध में पुलिस की लापरवाह जाँच और उदासीन रवैये पर विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी का घेराव किया गया। इस प्रदर्शन में क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस), एसएफआई सहित अन्य संगठन शामिल हुए, प्रदर्शन में गुडमंडी के आमजनों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सेदारी निभाई। ज्ञात हो कि पीड़िता दलित समुदाय से थी, और दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में घरेलू कामगार के रूप में काम करती थी। उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में 4 अक्टूबर को मौत हो गयी।



ज्ञात हो कि पीड़िता 26 सितंबर 2020 से मॉडल टाउन के एक घर में पूर्णकालिक घरेलू कामगार के रूप में नियुक्त थी। 4 अक्टूबर को उसने अपनी मौसी को दिन के 3 बजे फोन किया था और अपनी परेशानी के बारे में बताया था। उसी दिन करीब ढाई-तीन घंटे बाद रहस्यमय परिस्थितियों मे उसे ड्राइवर के कमरे मे मृत पाया गया। इसके बाद उसके शव को पुलिस द्वारा एक एम्बुलेंस में ले जाया गया। पुलिस ने परिवार के सदस्यों को बताया कि शव को पुलिस स्टेशन ले जाया गया है और शव को देखने के लिए परिवारवालों को पुलिस थाने आना होगा। पुलिस थाने पहुँचने पर पुलिसकर्मियों ने परिवारवालों से कहा कि उन्हें पीड़िता के शव के बारे में कुछ नहीं पता। 

ज्ञात हो कि इस मामले में पुलिस का रवैया इतना उदासीन रहा है कि उसने इस मामले में न केवल एफआईआर दर्ज करने से मना किया है, बल्कि पीड़िता के शव के बारे मे चार दिन तक परिवार को सूचित भी नहीं किया। 9 अक्टूबर को पुलिस द्वारा बलपूर्वक पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया गया और इसमें सिर्फ कुछ ही सदस्यो को शामिल किया गया। पीडिता के परिवार ने जब बलात्कार और हत्या की एफआईआर दर्ज करानी चाही, तब पुलिस ने पीड़िता के परिवार को एक से अधिक मौकों पर बेरहमी से पीटा और परेशान किया है। खबर लिखते समय यह पता चला कि उन कार्यकर्ताओ के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है जो परिवार की मदद कर रहे थे। साथ ही, कारवां पत्रिका के एक रिपोर्टर जो इस घटना को कवर करने के लिए मौजदू थे उनपर भी प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

केवाईएस इस मामले में तुरंत बलात्कार और हत्या की धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग करता है। साथ ही वो यह भी मांग करता है कि इस मामले मे एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए, क्योंकि इस मामले में स्थानीय पुलिस थाने की कार्यप्रणाली अब तक लापरवाह रही है।

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