आवेदन पत्र के निरस्तीकरण का कारण तर्कसंगत नहीं पाया गया तो संबंधित बैंक शाखा प्रबंधक के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी: डीएम If the reason for cancellation of the application form is not found


  • जिला उद्योग केंद्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड तथा एनआरएलएम द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई संपन्न ।

                                                                  प्रमुख संवाददाता 




गाजियाबाद। जिलाधिकारी शंकर पांडेय द्वारा जिला उद्योग केंद्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड तथा एनआरएलएम द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा महात्मा गांधी सभागार ,कलेक्ट्रेट गाजियाबाद में की गई। समीक्षा में यह  पाया गया कि जिला उद्योग केंद्र द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना अंतर्गत कुल 431 आवेदन पत्र प्रेषित किए गए, जिसमें 271 आवेदन पत्र बैंक शाखाओं द्वारा निरस्त किए गए, जो कि प्रेषित आवेदन पत्रों के सापेक्ष लगभग 63 प्रतिशत है। आवेदन पत्र निरस्तीकरण की इतनी बड़ी संख्या पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी प्रकट की गई एवं बैंकों को यह निर्देशित किया गया कि उनके द्वारा जो आवेदन पत्र निरस्त किए गए हैं, उन्हें एक बार पुनः रिव्यू कर लें। इसके उपरांत निरस्त आवेदन पत्रों की जांच जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा की जाएगी एवं यदि आवेदन पत्र के निरस्तीकरण का कारण तर्कसंगत नहीं पाया गया तो संबंधित बैंक शाखा प्रबंधक के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा में यह पाया गया कि 254 आवेदन पत्र प्रेषण के सापेक्ष 118 आवेदन पत्र निरस्त किए गए। कुल स्वीकृत 55 आवेदन पत्रों के सापेक्ष मात्र 26 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया है। स्वीकृति के उपरांत वितरण न किए जाने का कोई औचित्य पूर्ण कारण नहीं है। 

एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना अंतर्गत कुल 31 आवेदन पत्र स्वीकृत किए गए, एवं मात्र 19 लाभार्थियों को ऋण वितरण किया गया। संयुक्त आयुक्त उद्योग द्वारा बताया गया की 30 सितंबर 2020 तक प्रशिक्षण कि कोई बाध्यता नहीं थी, इसके उपरांत भी शाखा प्रबंधकों द्वारा ऋण वितरण में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। भारतीय स्टेट बैंक ,इलाहाबाद बैंक , बैंक ऑफ इंडिया द्वारा स्वीकृति के बावजूद भी कोई ऋण वितरण नहीं किया गया।सर्वाधिक खराब स्थिति इलाहाबाद बैंक की रही। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना तथा मुख्यमंत्री  ग्रामोद्योग रोजगार योजना में भी प्रगति संतोषजनक नहीं है। जिलाधिकारी द्वारा सभी बैंकों के जिला समन्वयक तथा लीड बैंक प्रबंधक एसपी यादव को निर्देश दिए गए कि दिनांक 7 नवंबर 2020 को कल प्रातः 11रू00 बजे पुनरू योजनाओं की समीक्षा की जाएगी एवं सभी शाखा प्रबंधक, जिन प्रकरणों पर स्वीकृति और निर्गत कर चुके हैं । उनमें शत प्रतिशत ऋण वितरण कर अवगत कराएं। संयुक्त आयुक्त उद्योग तथा जिला ग्रामोद्योग अधिकारी को मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल द्वारा निर्देशित किया गया कि जिन लाभार्थियों के आवेदन पत्र स्वीकृत हो चुके हैं। आज उनकी शत-प्रतिशत उपस्थिति बैंकों में सुनिश्चित कराई जाए। इसके उपरांत भी यदि कोई शाखा प्रबंधक ऋण वितरण नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध केस बनाकर एफ आई आर हेतु प्रस्तुत किया जाए। 
 
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी,  अस्मिता लाल ,संयुक्त आयुक्त उद्योग ,  बीरेंद्र कुमार, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी  संजय श्रीवास्तव, जिला समन्वयक , एन आर एल एम, अग्रणी जिला प्रबंधक सहित सभी बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे।


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