लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट ने शिक्षा की ज्योति जलाने में एक और आयाम जोड़ा Lok Shikshan Abhiyan Trust added another dimension to the flame of education




  • वैशाली में महामना पं0 मदन मोहन मालवीय के नाम से नि: शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय का किया गया शुभारंभ 

  • ट्रस्ट द्वारा शहर में छठा नि: शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय की हुइ्र शुक्ष्आत

                                                                सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 




साहिबाबाद । लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा 5/65 सेक्टर- 5 वैशाली गाजियाबाद के प्रांगण में “स्वतंत्रता सेनानी शिक्षाविद, भारत रत्न, बहुयामी व्यक्तित्व के धनी, महामना पं0 मदन मोहन मालवीय” के नाम पर “नि: शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय” का उद्घाटन संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष, शिक्षाविद, सामाजिक, राजनैतिक कार्यकर्ता राम दुलार यादव, समाजवादी पार्टी जिला महासचिव वीरेन्द्र यादव एडवोकेट द्वारा फीता काट कर किया गया । कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ट पत्रकार संजय मिश्र, शिक्षाविद मुकेश शर्मा, संतोष कुमार दुबे, मुकेश गौड़ शामिल रहे। आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने किया।
   


कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष राम दुलार यादव ने कहा कि “लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट” द्वारा वैशाली में यह छठा नि:शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय का शुभारम्भ हुआ है। संस्था का उद्देश्य है कि महापुरुषों के नाम को प्रतिष्ठा देना है, इसी क्रम में सन्त कबीर नि:शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय श्याम पार्क मेन में, भगवान बुद्ध नि:शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय नंदग्राम में, डा0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम नि: शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय ईदगाह रोड पसोंडा में, नेता जी सुभाषचन्द नि: शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय खोड़ा मकनपुर में, प्रधान जी विश्राम यादव नि: शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय ग्राम सोहौली जनपद आजमगढ़ में संस्था विधिवत संचालित कर रही है।



आज हमें अपार खुशी है कि संस्था ने वैशाली में दुनिया के प्रसिद्ध शिक्षाविद के नाम नि: शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय का शुभारम्भ किया है। पं0 मदन मोहन मालवीय शिक्षाविद ही नहीं, स्वतंत्रता सेनानी और जानेमाने अधिवक्ता तथा भारत रत्न से सम्मानित, सभी धर्मों का सम्मान करने वाले मानव मात्र को सृष्टि की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते थे। इसलिए देश का कार्य करते हुए मानव की अज्ञानता, अशिक्षा को दूर करने के लिए उन्होंने बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय की स्थापना की, जो एशिया का ही नहीं विश्व के विश्व विद्यालयों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आज लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट पं0 मदन मोहन मालवीय नि: शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय का शुभारम्भ कर गौरवान्वित हो रहा है। पुस्तकालय में दर्शन, इतिहास, विज्ञान, अर्थशास्त्र के साथ-साथ छात्र, छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षा की सभी पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं तथा प्रतियोगी छात्रों की मांग पर भी अविलम्ब व्यवस्था की जाती है चाहे वह आई0ए0एस0, पी0सी0एस0, इंजीनियरिंग, मेडिकल की तैयारी की हो या किसी प्रकार की देश, प्रदेश में भर्ती की तैयारी की पुस्तकें हों हर प्रकार की पत्रिका के साथ बेरोजगार समाचार, दैनिक न्यूज पेपर की व्यवस्था भी की जाती है। मेरा मानना है कि छात्रों को पढ़ते समय सारी दुनिया को भूलकर पुस्तकों में डूब जाना चाहिए, यही उपासना पूजा और समाधि है। डा0 अम्बेदकर ने कहा है कि “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वह दहाड़ेगा”। पं0 मालवीय मानवतावादी थे। उन्होंने कहा कि जब मै रास्ते में जाता हूँ चाहे मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा रास्ते में पड जाय मै सिर झुकाता हूँ। वे सभी धर्मों का सम्मान करते थे।  
  
आज शिक्षा पर सरकारों का ध्यान न्यूनतम स्तर पर है बजट का बहुत कम हिस्सा शिक्षा पर खर्च हो रहा। सरकारी शिक्षा की हालत चिंताजनक है, जिस देश में शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया जाता वहाँ आदर्श, नैतिक व स्वस्थ्य नागरिक कहाँ से होंगें। आज इस अवसर पर हम केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार से भी आग्रह करना चाहते है कि शिक्षा और चिकित्सा पर विशेष बल दिया जाय। 
         
कार्यक्रम में प्रमुख लोगों में संतोष दुबे, किशनपाल यादव, अरविन्द कठेरिया, संजू शर्मा जिला उपाध्यक्ष समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला उत्थान संस्था बिन्दू राय, इंजी0 धीरेन्द्र यादव, पंकज सिंह, पंकज राय,  चक्रधारी दुबे, डा0 जी0 डी0 मिश्र, विनोद यादव, सी0 पी0 गुप्ता, धर्मेन्द्र, नन्द कुमार, अन्शु, मोहित गौड़, अमृतलाल चैरसिया, पण्डित विनोद त्रिपाठी, दयाल शर्मा, प्रभज्योत, प्रज्ञान शर्मा, भरत शर्मा, विनीता तिवारी, आरती, सुमन दुबे, गीता, बबीता, प्रीती बसार, रिषभ बसार, विधि बसार, डा0 अनिष्का सिन्हा, किरन सिन्हा, तान्या, मोनिका चोपड़ा, नसीम अहमद, अमर बहादुर आदि उपस्थित रहे। 
                                                                  

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