ऑनलाइन परीक्षाओं के कारण डीयू में भारी अफरा-तफरी व्याप्त Due to online examinations, rampant prevalence in DU


  • छात्रों की बड़ी संख्या परीक्षा में बैठने में अक्षम

  • माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय को दी गयी जानकारी से उजागर हुआ ओबीई परीक्षाएँ कराने वाले छात्र-विरोधी डीयू प्रशासन का चरित्र

  • अधूरी तैयारियों और छात्रों को हो रही दिक्कतों पर केवाईएस डीयू कुलपति की बर्खास्तगी की करता है मांग

                                                                   विशेष संवाददाता 



नई दिल्ली। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता की निंदा करता है, जिसके चलते डीयू के रेगुलर और कोर्रेस्पोंदेंस छात्रों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। डीयू ने उच्च न्यायालय में इस बात को रखा है की बड़ी संख्या में छात्र ऑनलाइन ओबीई मोड में आयोजित की जा रही परीक्षाओं को लेने में असमर्थ हैं।

शिक्षकों और छात्रों के एक बड़े वर्ग की आशंका के बावजूद, डीयू प्रशासन ओबीई मोड में परीक्षा करने के अपने फैसले पर अडिग रहा, जिसके चलते छात्रों को व्यापक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़े पैमाने पर छात्रों के लिए यह परीक्षा एक बड़ा बोझ साबित हो रही है। इसके अलावा, छात्रों को विश्वविद्यालय के अधिकारियों से भी कोई मदद नहीं मिल रही है, क्योंकि प्रशासन चिंतित छात्रों के कॉल का उत्तर नहीं देते या उनकी समस्या का समाधान नहीं करते।

कई विषयों में छात्रों का यह भी कहना है कि उनकी परीक्षा के प्रश्न पत्र में समय सीमा 2 घण्टे की दी गयी है, जबकि ओबीई के तहत परीक्षा पूर्ण करने का समय 4 घंटे है, इससे छात्रों में असमंजसता की स्थिति फैली है। अधिकतर छात्रों ने स्थाई इंटरनेट की अनुपलब्धता के कारण हो रही दिक्कतों को इंगित किया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थाई इंटरनेट सुविधा की अनुपलब्धता, देश के विभिन्न बाढ़ प्रभवित इलाकों से आने वाले छात्रों की समस्याओं और मजदूर परिवारों के छात्रों के लिए परीक्षा देने योग्य माहौल की कमी के कारण लगतार समस्या देखने को मिली। छात्र ओबीई पोर्टल से तो दूर, अपने ईमेल से भी प्रश्न पत्र देने में सक्षम नहीं हो रहे थे।

खुद डीयू प्रशासन द्वारा मानी जा रही छात्रों को हो रही भयंकर परेशानियों के बावजूद प्रशासन पूरी तरह से उदासीन रवैया अख्तियार किए हुए है। यह साफ तौर पर जाहिर है कि परीक्षा जल्द निपटाने की जद्दोजहद में डीयू प्रशासन लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खेल रहा है, खासकर वो जो वंचित पृष्ठभूमि से आते हैं। इन सभी समस्याओं को देखते हुए केवाईएस डीयू प्रशासन की कड़ी भर्त्सना करता है और तत्काल डीयू कुलपति की बर्खास्तगी की मांग करता है साथ ही, केवाईएस कल डीयू प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा।



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