सोसाइटी का फरमान, अगर रिश्तेदार को बुलाया तो फ्लैट का बिजली-पानी होगा बंद The order of the society






गाजियाबाद ।  देश में लगातार कोरोनावायरस संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इसे किस तरीके से रोका जाए इसके लिए तरह-तरह के उपाय लगातार किए जा रहे हैं। इस बीच गाजियाबाद के एक सोसाइटी ने अजीबोगरीब फरमान जारी किया गया है। दरअसल, गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की रिवर हाइट सोसाइटी में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन ने वहां रहने वाले फ्लैट मालिकों से कहा है कि अगर आप अपने भाई या किसी अन्य रिश्तेदार को सोसाइटी में अपने घर पर बुलाते हैं तो आपके फ्लैट का बिजली-पानी सप्लाई बंद कर दिया जाएगा और ₹11000 का जुर्माना वसूला जाएगा। एओए का कहना है कि वसूला गया रकम पीएम केयर फंड में जमा कर दी जाएगी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक राज नगर एक्सटेंशन में स्थित रिवर हाइड फेज वन में एक नोटिस लगाया गया है। इस नोटिस पर लिखा गया है- सोसाइटी में किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री नहीं होगी। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि कोविड-19 मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले 20 दिनों में राज नगर एक्सटेंशन की तीन सोसाइटीज को सील कर दिया गया है। आप सभी से निवेदन है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को सोसाइटी में ना लाएं और ना ही सोसाइटी गार्ड के साथ इस पर बहस करें। जो भी नियम तोड़ेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं इस नोटिस में आगे यह भी लिखा हुआ है कि अगर कोई भी इस नियम को तोड़ता है तो उसके यहां का बिजली और पानी का सप्लाई बंद तो कर ही दी जाएगी साथ ही साथ ₹11000 का जुर्माना भी लगेगा। हालांकि पैसा जमा कराने के बाद बिजली और पानी की सप्लाई फिर से चालू कर दी जाएगी। आप सभी पढ़े लिखे हैं इसलिए ऐसा कुछ ना करें कि सोसाइटी सील हो जाए।

एओए द्वारा लगाए गए इस नोटिस के बाद वहां रहने वाले लोग नाराज हैं। उनका साफ तौर पर यह कहना है कि इस तरह का नोटिस लोगों में भय और अशांति को पैदा कर सकता है। कुछ फ्लैट मालिकों का साफ तौर पर कहना है कि यह एसोसिएशन का फरमान गलत है और यह मनमानी की जा रही है। प्रशासन से इसकी शिकायत की जाएगी। सोसाइटी के लोगों का कहना यह है कि किसी भी तरह के फैसलों में बहुमत के दृष्टिकोण के अनुसार ही लिया जाना चाहिए लेकिन एओए के अधिकारियों ने मनमाने तरीके से यह निर्णय लिया है। उन्होंने बहुमत के फैसले के रूप में इसे पारित कर दिया है। यह बिल्कुल अवैध आदेश है जिसका मकसद सिर्फ और सिर्फ लोगों को आतंकित करना है।

लोगों की नाराजगी पर एओए के अध्यक्ष सुबोध त्यागी ने कहा कि इस आदेश का मकसद सिर्फ और सिर्फ लॉक डाउन के नियमों को सख्ती से पालन करवाना है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस लॉक डाउन में बाहर निकलने वाले लोगों से चालान करती है तो वहीं कुछ मुट्ठी भर लोग एओए और गार्डों को परेशान भी करते हैं। यह निर्णय यहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए लिया गया है। हम जो जुर्माना लेंगे वह पीएम केयर फंड में जाएगा तो फिर इसका क्या नुकसान है? गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर कोई सोसाइटी के नियम को तोड़ता है तो उनके पास उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जा सकता है। परंतु इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है अगर शिकायत पहुंचती है तो हम अपने स्तर पर इस मामले को निपटाएंगे।


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