विश्व अस्थमा दिवस पर डॉक्टरों ने कहा,सावधान रहें कोरोना वायरस के चलते दमा के मरीज On World Asthma Day, doctors said, beware of asthma patients due to corona virus





                                               सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो  

साहिबाबाद । विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि जो लोग अस्थमा यानी दमा के रोगी हैं वे कोरोना वायरस के चलते हुए अधिक सावधानी बरतें, उनके लिए यह दौर बहुत ही संकट का है।
        
विश्व अस्थमा दिवस पर यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ पीएन अरोड़ा ने बताया कि दमा से दुनियाभर में करीब 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हैं। भारत में दस में से एक व्यक्ति अस्थमा से प्रभावित है। इसमें बचाव ही सवसे कारगर है। अवेयरनेस और सही समय पर इलाज के जरिए इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। 1998 में पहली बार वल्र्ड अस्थमा डे मनाया गया था। इसके बाद हर साल 5 मई को विश्वअस्थमा दिवस मनाया जाता है। यशोदा  अस्पताल के ही वरिष्ठ फेफड़ा एवं श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ केके पांडे, डॉ अर्जुन खन्ना एवं डॉ अंकित सिन्हा  ने बताया कि अस्थमा के लक्षणों में सांस लेने में परेशानी, खांसी, छाती में जकड़न और बार-बार ऐसे होना शामिल हैं। अगर इसे समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो  इससे सांस लेने में गंभीर समस्या भी हो सकती है। हालांकि अस्थमा को ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन बचाव, दवाइयों और इलाज से मरीज सामान्य जिंदगी जी सकता है। 

डॉक्टरों की राय में कोरोना वायरस से अस्थमा के मरीजों को काफी जोखिम उठाना पड़ सकता है। इसलिए ऐसे लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे रहने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अस्थमा  के मरीज घर से बाहर ना निकले  और विशेष सावधानी बरतें  क्योंकि उनके लिए कोरोना वायरस  और अस्थमा दोनों जान लेवा साबित हो सकते हैं।



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