नेता जी की खुल गई पोल Netaji's pole was exposed





                                                   प्रमुख संवाददाता 

गाजियाबाद । आज जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय अपने कार्यालय में कोवडि - 19 पर एक मीटिंग ले रहे थे जिसमें नगरायुक्त, मुख्य चिकित्साधिकारी, आर डब्ल्यू ए , चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ मौजुद थां। उसी दौरान एक नेता जी ने अरजेंट फोन कर जिलाधिकारी से बात की। उन्होंने आपने को हिंडन पार क्षेत्र के एक समाज का नेता बताया। आगे उन्होंने बताया कि हिंण्डन पार क्षेत्र में लोगों के राशन कार्ड नहीं बन रहे हैं, लोग भूखे मर रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने नेता जी को कलेक्ट्रेट बुलवा लिया । लोगों के भूखे मरने की बात सुनकर जिलाधिकारी ने तत्काल जिला पूर्ति अधिकारी को बुलाकर और निर्देशित किया  िकवह तत्काल नेता जी के साथ मौके पर जाकर जाॅच करें और प्रकरण में जो भी दोषी हो , उसका दोष निर्धारण कर अवगत करायें। 

जिलाधिकारी की बात सुनकर नेता जी असहज हो गए। इसके बाद जिला पूर्ति अािकारी नेता जी को साथ लेकर जेसे ही वहां से चले, तो नेता जी किसी व्यक्ति से फोन पर बात की कि तुम्हारे यहां डीएम आॅफिस से लोग आ रहे है जो घर में खाने - पीने की चीजों की उपलब्धता का मुआयना करेंगे । इस पर नेता जी ने जिला पूर्ति अधिकारी से कहां कि आप चलिए मतम ैं आपकी बात फोन पर ही करा देता हूं। इस पर जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि आप ऐसे परिवारों का मौका मुआयना करवाइये जिनके पास खाने - पीने को नहीं है। इस पर नेता जी आना -कानी करने लगे । 

चूंकि जिलाधिकारी का आदेश था तो जिला पूर्ति अधिकारी ने नेता जी से कहा कि नहीं मैं आज ही चलूंगा आप साथ चलिए। इस पर नेता जी ने उन्हें राजनगर एक्सटेंशन में बीपीसीएल पेट्रौल पंप के पीछे की अस्थायी कच्ची बस्ती में लेकर गये। वहां नेता जी के बताये अनुसार घरों का मुआयना किया गया । उन घरों में प्र्याप्त मात्रा में खाने - पीने की सामग्री पायी गई। इसके उपरांत दूसरे अन्य बताये गये स्थान पर चलने की बात कहने पर नेता जी कहने लगे कि अभी नहीं आप परसो आइए, तो जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि अभी या कल क्यों नहीं ? तो नेता जी ने बताया कि कल मेरा मौन ब्रत है। इस तरह नेता जी की पोल खुल गई। 


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