गैस लीक से 11 लोगों की मौत पर आंध्र प्रदेश सरकार की कड़ी निंदा Government of Andhra Pradesh strongly condemned the death of 11 people due to gas leak






  • संयंत्र और एलजी कंपनी के अधिकारियों को कड़ी-से-कड़ी सजा सुनिश्चित करने की मांग उठाई


  • कंपनी को सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने की इजाजत देने और लोगों की मौत के जिम्मेदार आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री के तुरंत इस्तीफे की मांग की  


                                              विशेष संवाददाता 

नइ्र दिल्ली। मजदूर, युवा, महिला संगठन और ट्रेड यूनियन विशाखापटनम में हुए गैस लीक की घटना पर आंध्र प्रदेश सरकार की कड़ी भर्त्सना करते हैं, जिसके कारण अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी  है और 1000 और लोगों की जान खतरे में है।
यह घटना तब हुई जब आंध्र सरकार द्वारा फिर से विभिन्न आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत दी गयी थी। साथ ही, यह घटना दिखाती है कि कॉर्पोरेटों को सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने और लोगों की जान खतरे में डालने की इजाजत देने वाली सरकारों के लिए लोगों के जीवन का कोई महत्त्व नहीं है। इस प्रेस विज्ञप्ति के लिखे जाने तक, गैस लीक को पूरी तरह से रोका नहीं जा सका था, और यह बताया जा रहा था कि बहुत सी और जानें खतरे में हैं।
ज्ञात हो कि मौजूदा संकट की स्थिति में, मजदूरों और कामगार आबादी के जीवन को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तरह से लापरवाह रही हैं। मजदूरों के लिए न सिर्फ भूखे रहने और भीख मांगने की नौबत आ गयी है, बल्कि उन्हें विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कॉर्पोरेटों और उद्यमियों के लिए बंधुआ श्रम प्रदान करने के लिए राज्यों से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। विभिन्न राज्य सरकारों ने आपातकालीन ताकतों का इस्तेमाल कर श्रम कानूनों के प्रावधान को ही खत्म करने की कोशिश की है। कल ही उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकारों ने विभिन्न श्रम कानूनों पर 3 साल तक रोक लगाने केलिए अध्यादेश पारित किया है। इसके तहत श्रम कानूनों में जो बदलाव लाये जाएँगे, उनके अनुसार आने वाले 1000 दिनों के लिए कंपनियों को मजदूरों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थिति संबंधी नियमों का पालन न करने की आजादी होगी । विशाखापटनम में हुई घटना के साथ यह कदम दिखाते हैं कि किस तरह कॉर्पोरेट-हित में काम करने वाली सरकारों के लिए मजदूरों और आम कामगार आबादी के जीवन का बिलकुल भी महत्त्व नहीं है।
जन-संगठन मांग करते हैं कि लोगों की मौत के जिम्मेदार संयंत्र और एलजी कंपनी के अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाये और उनको कड़ी-से-कड़ी सजा सुनिश्चित की जाये। साथ ही, इस कंपनी का लाइसेन्स तुरंत रद्द कर, पूरे देश-भर में इसके संयंत्रों पर रोक लगाई जाये। इसके अतिरिक्त, जन-संगठन आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री, जगन मोहन रेड्डी के इस्तीफे की मांग करते हैं, जिसने इस तरह की कंपनियों को प्रदेश में काम करने और लोगों की जान खतरे में डालने की इजाजत दी। जन-संगठन उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकारों की कड़ी भर्त्सना करते हैं जो कॉर्पोरेटों के फायदे के लिए श्रम कानूनों को खत्म कर रही हैं और उनको मजदूरों का अति-दोहन करने की इजाजत दे रही हैं। उनको यह कदम तुरंत वापस लेने चाहिए, और कॉर्पोरेटों के हित में लोगों की जान खतरे में डालने के लिए उन्हें सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।


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