इतिहास से प्रेरणा ले, वितरण व्यवस्था को ठीक कर जरुरतमंदों को आवश्यक सामग्री वितरित की जाय: वीरेन्द्र यादव एडवोकेट Take inspiration from history,





                                                            सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 

साहिबाबाद। हर जरूरतमंद तक आवश्यक सामग्री पहुचाई जाए जिससे कोई क्षेत्र में भूखे पेट न सो पाये। हमारा समाज और गरीब तथा निःसहायों के प्रति यही पहला कर्तव्य है। प्रसिद्ध समाजसेवी व समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव ने आज जरूरतमंदों को भोजन सामग्री वितरण करने से पहले यह बात कही। 
उन्होंने कहा कि हमारे देश भारत के लोग कोरोना संकट से भयाक्रान्त हैं। यह महामारी उत्तर प्रदेश में भी व्याप्त है। हमारा जनपद गाजियाबाद औद्योगिक क्षेत्र व प्रगतिशील शहर होने के कारण यहाँ लाखों मजदूर भाई, फैक्टरियों, दुकानों, निर्माण कार्यों में लगे हैं। जब से लॉकडाउन लगा है, सारे कार्य बन्द होने के कारण मजदूर भाइयों, कामकाजी महिलाओं, निर्माण कार्य में लगे तमाम लोग घोर संकट में हैं। उनके सामने दो जून की रोटी के लाले पड़े हुए हैं। सरकारी सहायता हो रही है, सामाजिक संगठन भी अपने संसाधन से लोगों की मदद कर रहे हैं, लेकिन वह अपर्याप्त है। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर भी जो राशन मिल रहा है वह केवल कार्ड धारकों को ही, बाकी हजारों जरूरतमंद को कोई भी सरकारी सहायता व राशन नहीं मिल पा रहा है। वह बदहाल जीवन जी रहे हैं। 


समाजवादी पार्टी के नेता, पूर्व विधान सभा प्रत्याशी साहिबाबाद वीरेन्द्र यादव एडवोकेट की टीम आज भी अब तक दो हजार से अधिक परिवारों में राशन वितरित करवा चुकी है। आगे भी वितरण जारी है। राशन वितरण के अवसर पर हमारे सामने यह संज्ञान में आया कि हजारों परिवारों के पास कोई सरकारी सहायता नहीं पहुँच रही है, न उन्हें जन धन खाते में रूपया प्राप्त हुआ, कुछ का खाता भी नहीं है। वह घोर संकट में हैं, मै प्रशासन से मांग करता हूँ कि पूरे जनपद में मलिन बस्तियों, झुग्गी बस्तियों तथा जहाँ किराये पर लोग रहते हैं तथा जो भी संकट में हैं, प्रशासन चिन्हित कर उन्हें आवश्यक सामग्री खाने, पीने की तथा कम से कम प्रत्येक परिवार को जो जरूरतमंद हैं आर्थिक मदद भी करें जिससे वह इस आपदा से निकल सकें। 

इतिहास गवाह है कि बंगाल में 20वीं सदी में जब अकाल पड़ा था लोगों के सामने ऐसा ही संकट आया था, लेकिन वितरण व्यवस्था ठीक न होने के कारण तथा क्रय शक्ति के कमजोर पड़ने के कारण पर्याप्त अनाज भण्डार के बाद भी लोगों तक भोजन व आवश्यक सहायता नहीं पहुंची। वितरण व्यवस्था की खामी के कारण लाखों लोगों ने असमय अपनी जान गवां दी थी। इसलिए मेरा अनुरोध है कि शासन, प्रशासन वितरण व्यवस्था को ठीक करें जिससे आवश्यक राशन, दवाई लोगों तक पहुँच सके और लोग सम्मान जनक जीवन जी सकें। 



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