पूर्बांचल योद्धा अशोक सिन्हा हमारे बीच नहीं रहे Purbanchal warrior Ashok Sinha is no more with us






                                                    सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 

गाजियाबाद। पूर्बांचल समाज के अग्रणीय नेतृत्वकर्ता व संगठन की एकजुटता के लिए हमेशा प्रयासरत रहने वाले गाविन्दपुरम निवासी अशोक सिन्हा अब हमारे बीच नहीं रहे। आज दोपहर में मैक्स अस्पताल साकेत में उन्होंने अंतिम सांस ली। 

जानकारी के अनुसार गोविन्दपुरम निवासी व पूर्बांचल के अग्रणीय नेतृत्वकर्ता अशोक सिन्हा 18 मार्च से कोरोना वायरस से पीड़ित थे। पहले उनका इलाज मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज में चल रहा था, लेकिन गंभीर स्थिति के बाद उन्हें मैक्स अस्पताल, सकेत में भर्ती कराया गया। वहां कुछ दिनों के बाद उन्हें वैटिंलेटर स्पोर्ट देना पड़ा। आज अचानक उनके मृत्यु की सूचना से पूर्बांचल समाज में शोक का लहर व्याप्त है। 

अशोक सिन्हा शुरू से ही समाजिक कार्यो में अपना योगदान देते रहे। उन्होंने हमेशा पूर्बांचल संगठन को एकजुट करने तथा समाज हित के कार्यो के लिए प्रोत्साहित किया। उनके देख रेख में कई ऐसे बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जो जिला में हमेशा यादगार रहेगा साथ - साथ उनकी यादें भी लोगों से जुड़ी रहेगी। मनोज तिवारी का जनकपुरी में विशाल प्रोग्राम उनकी देखरेख में ही की गई थी। इसके अलावा जिला में मुंबई में पूर्बांचल के लोगों के खिलाफ की जा रही अन्याय के खिलाफ भी उन्होंने विशाल वाहन रैली निकाल कर पूर्बांचल के लोगों की आवाज बने थे। 

उनकी असमय मृत्यु पर पुरबिया जन कलयाण परिषद् के संरक्षक केदारनन्दन चैधरी, राकेश तिवारी, पूर्बांचल महासभा के संस्थापक अशोक श्रीवास्तव, पुरबिया जन जागरण अभियान के संयोजक के एन पांडेय, संजय मिश्रा, बी एन तिवारी, संजय त्रिपाठी, विनोद अकेला, रामगनेश सिंह आदि लोगों ने दुख जताया है। अशोक श्रीवास्तव का कहना है कि वह पूर्बांचल के एक स्तंम्भ  थे। उनकी कमी हमेशा पूर्बांचल को महसूस होता रहेगा। 


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