जानकारी के अभाव में भूख के शिकार हो रहे हैं गरीब मजदूर Poor laborers are suffering due to lack of information





                                                          सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 

साहिबाबाद । हिंडनपार क्षेत्र साहिबाबाद में कोरोनावायरस के चलते देश में चल रहे शटडाउन की बजह से गरीब और जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इस तरह सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों द्वारा चलाये जारहे राहत कार्यों की पोल खुल रही है। इस कारण यह देखा जारहा है कि अधिकांश लोगों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ही नहीं है ।
        
जानकारी के अनुसार कुछ चयनित स्थानों के अलावा सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री देने की बात है की जारही है जो ना काफी नजर आ रही है। अनेक लोगों द्वारा मीडिया के लोगों को शिकायत की जा रही है के स्वयंसेवी संस्था और सरकार द्वारा कुछ खास लोगों को ही खाद्य सामग्री दी जा रही है जिन्हें झुग्गी वस्ती कहा जारहा है। लेकिन गरीवों की आवादी कहंी और भी है। अन्य में जैसे कारखाना मजदूर,ठेकेदार की लेवर और दिहाड़ी पर काम करने वाले लोग जो एक कमरे के  किराए के मकानों में रहकर अपने परिवार का जीवन चला रहे थे उनके पास तक यह सुविधा नहीं पहुंच रही है । 
       
हालांकि जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंद लोगों को अस्थाई 3 महीने के राशन कार्ड बनाकर राशन देने की व्यवस्था लागू है। लेकिन इस व्यवस्था की जानकारी आम जनता को नहीं है। स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकार के तंत्र पर यह आरोप लग रहे हैं कि वे झुग्गी बस्तियों में तो खाद्य सामग्री पहुंचा रहे हैं लेकिन इनके अलावा जो और जरूरतमंद लोग हैं उनके लिए भूखे मरने की स्थिति आ गई है । आज इस संवाददाता के पास सामने श्याम पार्क मेन,गरिमा गार्डन और रेलवे रोड साहिबाबाद में रहने वाले कुछ लोगों आये तथा उन्होंने फोन कर अपनी व्यथा सुनाई । उनका कहना था कि उनके पास खाने-पीने का कोई सामान नहीं है । उन्हें कहां से और कैसे मदद मिल सकती है? इससे साफ जाहिर है कि हमारे जिला प्रशासन का संदेश आम लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। यही वजह है कि वह सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रहा है सुविधाओं को नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं।



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