अध्यात्म के मार्ग से ही मिलेगी जिंदगी की खुशियां Life's happiness will be found only through the path of spirituality






  
                                       धर्म - कर्म 
सरदार मनजीत सिंह 
   अध्यात्मिक गुरू 

इंसान को कई बार यह भी पता नहीं चलता कि उसकी लड़ाई किसी व्यक्ति से है या संस्था से, जब तक चेहरा साफ ना हो तो किस से लड़ेंगे। सामने से नहीं कुछ लोग पीछे से वार करते हैं, दुश्मन का पता लगाना जरूरी है, दुश्मन का चेहरा सामने आते ही आधी लड़ाई आप जीत जाते हैं ।

समाज में बहुत से लोग चेहरे पर चेहरा लगा घूमते हैं। बाहर से एक अच्छा इंसान बनने का प्रयास करते है,ं मगर उनके अंदर एक जानवर छुपा होता है। ऐसे लोग किसी के मित्र नहीं होते वह सिर्फ अपना स्वार्थ साधते है।ं बस दुनिया उनकी असली तस्वीर को पहचानने में देर कर देती है । इनका कोई धर्म नहीं होता जबकि धार्मिक बनते हैं यह लोग। इन्होंने भले ही अपना क्षेत्र समाज की सेवा चुना होता है मगर सेवा से दूर तक रिश्ता भी नहीं होता। आज समाज में इनकी भरमार है, इनसे कैसे बचा जाए पता नहीं कुछ लोगों को । इनको एक बीमारी होती है और उनकी इसी बीमारी की वजह से यह लोग लाभ उठाते है।ं पैसा को मुख में रखने वाले कभी किसी के मित्र नहीं होते । इन को अगर हराना है तो परमात्मा की राह चलते चलो । एक लंबी लकीर खींचनी होगी उस लंबी लकीर खींचने के लिए आगे बढ़ना होगा।

आप समाज में जितने आगे बढ़ेंगे, उतनी उसकी लकीर छोटी होती जाएगी। स्वार्थ से भरी दुनिया में लोग इतने स्वार्थी हो गए कि उनका बस चले तो किसी को रोटी भी ना खाने दे। ऐसे लोगों का चेहरा समाज में उजागर करना चाहिए, यह सिर्फ आपके दुश्मन नहीं इंसानियत के दुश्मन है । इन दुश्मनों से लड़ने के लिए किसी को तो आगे आना होगा फिर आप क्यों नहीं इस लड़ाई को शुरू कर दे, परमात्मा आपका साथ देगा।  अगर हम किसी लड़ाई को परमात्मा को माध्यम बनाकर लड़ते हैं तो जीत हमेशा आपकी होगी। यह मेरा विश्वास है और इस विश्वास को भी मेरे अंदर उसी परमात्मा ने पैदा किया है । मैं एक शिक्षक हूं मेरा काम है लोगों को सचेत करना आपको उचित राह दिखाना आप बस ये कदम आगे बढ़ाएं बस एक कदम । चेहरे पर चेहरा लगा घूमने वाले लोगों से आप सिर्फ अध्यात्म के माध्यम से लड़ सकते हैं आपकी जिंदगी की खुशियां  इसी राह में छुपी हैं।



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