केवाईएस देश के मुख्य अस्पतालों में ओपीडी सेवाएँ बंद होने की करता है भर्त्सन KYS commits to shutdown of OPD services in main hospitals of the country







  • इलाज न मिलने और स्वास्थ्य सुविधाओं के बंद होने से रोज हजारों लोगों के मरने की संभावना
  • केवाईएस मांग करता है कि सभी ओपीडी तुरंत खोले जाएँ


                                                                विशेष संवाददाता

नई दिल्ली । क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) देश-भर के प्रमुख अस्पतालों के ओपीडी बंद होने की कड़ी भर्त्सना करता है। प्रमुख अस्पतालों जैसे एम्स, केजीएमयू, पीएमसीएच इत्यादि, लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही बंद हैं। इनके बंद होने के कारण वो मरीज जो कोरोना वायरस से पीड़ित नहीं हैं, उनको इलाज नहीं मिल पा रहा है। इलाज न मिलने से हजारों बीमार परेशान क्योंकि उन्हें अज्ञात समय के लिए इंतजार करने को कहा गया है।

लोगों में यह डर है कि ओपीडी बंद होने से मरीजों की हालत और भी खराब हो रही है। खबरों के मुताबिक ऐसे ही भोपाल में गैस त्रासदी पीड़ितों को इलाज न मिलने करीब 5 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। इलाज न मिलने के कारण कम से कम 3 पीड़ितों की मौत हो गई। जरूरी बात यह है कि कोरोना (कोविड-19) के कारण भोपाल में हुई पहली मौत भोपाल गैस पीड़ित की थी। ज्ञात हो कि क्षय रोग (टीबी) और अन्य अज्ञात बीमारियों से हर साल लाखों लोगों की मौत होती है और इनमें होने वाली मौतों में भारत की बड़ी हिस्सेदारी है। देश का एक बड़ा हिस्सा इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर है। इस प्रकार, अन्य उपचारों के लिए ओपीडी को बंद करने से देश की मजदूर जनता को बहुत विकट कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार की कामगार जनता के प्रति उदासीनता इस बात से दिख जाती है कि कोरोना पर ही अत्यंत ध्यान बाकी सभी बीमारियों का इलाज नहीं किया जा रहा है। बाकी बीमारियों हर साल लाखों की संख्या में लोगों को मारती हैं। साथ ही, गर्भवती महिलाओं भी अस्पताल नहीं पहुँच पा रही है और कई रिपोर्टें मौजूद हैं जो दिखाती हैं कि किस तरह से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशु को भूखे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। केवाईएस मांग करता है कि देश-भर के प्रमुख अस्पतालों के ओपीडी तुरंत खोले जाएँ ताकि लोगों को इलाज मुहैया हो सके।



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