40 फीसदी वर्ग की पीड़ा सरकार भी नहीं समझती: मनजीत Government does not even understand the pain of 40 percent class: Manjeet






                                                       सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 


गाजियाबाद । आज के हालात पर आध्यात्मिक व सामाजिक विचारधारा के वाहक सरदार मनजीत सिंह का कहना है कि बहुत दिनों से बार-बार मन कर रहा था कुछ लिखना चाहता हूं। कोरोना वायरस बीमारी जो पूरी दुनिया में फैल चुकी है उसी की वजह से हमारा देश लॉक डाउन पर चल रहा है, इसी लॉक डाउन के दौरान देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी के बहुत सारे बयान सामने आए।  कोई भी इंसान भूखा नहीं रहेगा इसकी जिम्मेदारी प्रशासन को दी गई, हर गरीब के खाते में 1000 रुपए भी भेजा जा रहा है, फिर उन्होंने साथ साथ व्यापार करने वाले दुकान चलाने वाले या छोटा काम कर रहे हो या बड़ा सबसे कहा कि आप अपने यहां काम करने वाले या करने वाली को सैलरी दें और काम से भी ना निकाले अन्यथा मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 
देश की सरकार केंद्र की हो या प्रदेश की उनसे पूछना चाहता हूं आप देश की 20 प्रतिशत आबादी जिसे अमीर कहते हैं और यह गरीब जिनकी आबादी  भी 20 प्रतिशत है आप केवल सिर्फ 40 प्रतिशत लोगों की बात कर रहे हैं। आप को ध्यान दिलाना चाहता हूं देश की बाकी बची 60 प्रतिशत आबादी जिसमें से 20 प्रतिशत वो लोग हैं जो अमीरी रेखा की सीडी पर चढ़ने की कोशिश में जुटे हैं वह भी जो सरकारी घोषणा है उन्हें मान लेंगे बाकी बचे 40 प्रतिशत लोग जो ना तो अमीर हैं  और ना गरीब बीच मझधार में लटके हैं वो लोग कितने परेशान है।ं शायद आप तक उनकी तस्वीर नहीं पहुंच पा रही। छोटा-छोटा कारोबार कर अपना परिवार पालते हैं या यह कहें रोज कमाते और जीवन जीते हैं एक तो घर रहकर ना जाने किस तरह अपनी जिंदगी जी रहे हैं और आप की घोषणा  व्यापार अभी बंद रहेगा और लॉक डाउन खुलने के बाद भी एक साल उन्हें लग जाएगा दोबारा अपनी रोटी रोजी को चलाने में सरकार कह रही है कि हम काम करने वाले या काम करने वाली को निकाले भी नहीं और सैलरी भी दे ।

सरकार से सवाल है आपके द्वारा क्या मदद की गई उन मध्यम वर्ग के लोगों की जो देश की 40 प्रतिशत आबादी है। सरकार ने अपना बिजली का बिल भी भेज दिया बाकी टैक्स भी जारी हैं सरकार गरीब वर्ग जो 20 प्रतिशत है उनके बारे में सोचती है वह भूखा ना मरे अच्छी बात है हम भी सोचते हैं और इसलिए लाख डाउन के दौरान कच्चा या पक्का का राशन बांट भी रहे हैं और उन्हें भी छूट जो अमीर वर्ग के 20 प्रतिशत हैं उन की छूट के बारे में सोचती हैं, बाकी मध्यमवर्ग जो 40 प्रतिशत लोग उनके बारे में सरकार क्या घोषणा कर रही है यह बताया जाए । सरकार सिर्फ घोषणा ना करें बल्कि 40 प्रतिशत  लोगों को क्या दे रहे हो यह बताया जाए।  40 प्रतिशत लोग ना तो यह कह पा रहे हैं कि हम गरीब हैं और ना अमीर मगर सरकार का सबसे ज्यादा डंडा इन्हीं लोगों पर चलता है । सरकार इसके बारे में सोचें जब सरकार सोचेगी तो कुछ राहत देगी तो फिर कहे आप यह करें ना करें फिर 40 प्रतिशत लोगों पर छोड़ दें हमें क्या करना है और क्या नहीं। हमें कुछ भी मुफ्त नहीं मिलता राशन हो या अन्य कोई सुविधा, इसलिए जब सरकार हमें कुछ छोड़ नहीं पा रही तो हमसे उम्मीद क्यों ? यह एक पीड़ा है वह 40 प्रतिशत वर्ग की फिर भी हम सरकार के साथ हैं अपनी जिम्मेदारी समझते हैं और सरकार को भी समझना चाहिए ।  


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