केवाईएस ने कोरोना वाइरस महामारी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन KYS sends memorandum to PM to prevent corona virus epidemic




  • रेलवे कोचों को चिकित्सीय एवं आइसोलेशन सेंटर में परिवर्तित करने के लिए प्रधानमंत्री से किया निवेदन
  • सैन्य जवानों को जरूरी वस्तुओं के जन-वितरण के लिए लगाने का भी निवेदन किया  


                                                            सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण हमारे देश में पैदा हुए गहरे संकट के कारण लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैद्य विशेष रूप से संसाधनों की कमी के साथ-साथ इस परिस्थिति का प्रबंधन करने में हमें अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने आज प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख कर देश को इस गहरे संकट से निपटने में मदद करने के लिए कुछ उपाय सुझाए हैं। ज्ञात हो कि देश एक ऐसी स्थिति का सामना कर रहा है, जिसमें यह महामारी व्यापक जनता को संक्रमित करने की कगार पर है। पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम के बीच कई गरीब नागरिकों को भोजन, परिवहन और चिकित्सा प्राप्त करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा है। प्रधानमंत्री को सुझाए गए उपायों में चिकित्सा-केंद्रों के रूप में भारतीय रेल के डिब्बों का उपयोग और लॉकडाउन के समय में व्यवस्थित और सुरक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की तैनाती शामिल है।

चूंकि, देश को इस वक्त उपचार-केंद्रों और आइसोलेसन-वार्डों की सख्त जरूरत है, इसलिए भारतीय रेलवे के कोचों को अलग-अलग केंद्रों के रूप में संचालित किया जा सकता है। भारतीय रेलवे की लगभग 12,617 ट्रेनें हैं, जिनमें से हर एक में लगभग 20 से 30 कोच हैं। परामर्श कक्ष, आईसीयू, पेंट्री और मेडिकल स्टोर के साथ प्रति ट्रेन में न्यूनतम 1000 बेड बनाए जा सकते हैं। इस प्रकार, बहुत कम समय में लगभग 10 लाख बेड इस चिकित्सा-आपातकाल के लिए उपलब्ध कराए जा सकते हैं।  ज्ञात हो कि भारतीय रेलवे 7500 बड़े और छोटे स्टेशनों को पार करते हुए लगभग 1 करोड़ किलोमीटर नेटवर्क को कवर कर रहा है। हरेक रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनें पार्क की जा सकती हैं। ये ट्रेनें प्रभावित क्षेत्रों में जा सकती हैं और मोबाइल सेवाओं के सहारे लोगों को आसानी से इन ट्रेनों तक पहुँचाया जा सकता है।

इसी प्रकार 21 दिनों के बंद के दौरान खाद्य, राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं को जनता में वितरित करने के लिए भारतीय सेनाओं के अनुशासित जवानों को लामबंद किया जा सकता है। ज्ञात हो कि राशन की दुकान अभी नागरिकों को सेवाएँ देने में असमर्थ हैं, और साथ ही विभिन्न राज्यों की सीमाएं बंद होने लाखों प्रवासी कामगार भी शहरों में फंसे हुए हैं। ऐसी स्थिति में एक तरफ जनता में जरूरी खाद्य एवं अन्य वस्तुओं को वितरित करने और दूसरी तरफ जमाखोरी को रोकने के लिए सेना के जवानों की बेहद जरूरत है। साथ ही, सैन्यकर्मियों का जरूरी सुरक्षात्मक उपकरण और अन्य महत्त्वपूर्ण चीजों को बनाने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। देश-भर में कैंट होने से ऐसे अनुशासित जवानों को राहत-कार्य में लगाकर समय रहते लोगों को जरूरी सामान और चिकित्सीय सामग्री पहुंचाई जा सकती है।

केवाईएस ने प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को निवेदन किया है कि इन ठोस सुझावों का तुरंत क्रियान्वयन किया जाए, ताकि कोरोना वाइरस आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।



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